दुधमुंहे बच्चे के बदले 10 लाख की मांग, विवाहिता को घर से निकाला
वाराणसी (जनवार्ता)। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को उसके दुधमुंहे बच्चे से अलग कर घर से निकाल देने का मामला सामने आया है। पीड़िता की तहरीर पर लालपुर-पांडेयपुर थाना पुलिस ने पति समेत ससुराल पक्ष के चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

चंदौली जिले की रहने वाली रचना तिवारी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनकी शादी 23 नवंबर 2023 को वाराणसी के भेलूपुर क्षेत्र निवासी जितेंद्र तिवारी के साथ हुई थी। शादी में परिजनों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार नकदी, जेवर, फर्नीचर और घरेलू सामान दिया था।
आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग 10 लाख रुपये और चार पहिया वाहन की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर विवाहिता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। पीड़िता ने बताया कि 23 मई की रात ससुराल वालों ने उसके दुधमुंहे बच्चे को अपने पास रख लिया और उसे घर से बाहर निकाल दिया।
पीड़िता के पिता देवेंद्र तिवारी ने बताया कि जब उन्होंने बेटी को वापस लाने की कोशिश की तो ससुराल पक्ष ने जान से मारने की धमकी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने पति जितेंद्र तिवारी, ससुर, देवर और ननद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

