श्री अग्रसेन कन्या पी.जी. कॉलेज में कबीर वाणी पर  “स्पिक मैके” कार्यक्रम संपन्न

श्री अग्रसेन कन्या पी.जी. कॉलेज में कबीर वाणी पर  “स्पिक मैके” कार्यक्रम संपन्न

वाराणसी  (जनवार्ता): भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय तथा भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को श्री अग्रसेन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बुलानाला-परदह, वाराणसी में युवाओं में भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य एवं सांस्कृतिक धरोहर के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से “स्पिक मैके” श्रृंखला के अंतर्गत कबीर वाणी पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

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कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं महाराज अग्रसेन की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। मुख्य अतिथि पद्मश्री से सम्मानित प्रख्यात मालवी लोक एवं कबीर गायक पं. कालूराम बामनिया (भोपाल) तथा उनके साथी कलाकार श्री रामप्रसाद परमार, श्री मनोज घुड़द, श्री देवीदास बैरागी एवं श्री उत्तम सिंह बामनिया का कॉलेज अध्यक्ष श्री दीपक अग्रवाल, प्रबंधक डॉ. मधु अग्रवाल, सहायक मंत्री डॉ. रूबी साह एवं प्राचार्या प्रो. मिथिलेश सिंह ने अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न एवं पुष्पगुच्छ प्रदान कर स्वागत-सम्मान किया।

अपने स्वागत भाषण में प्राचार्या प्रो. मिथिलेश सिंह ने कहा कि काशी और संत कबीर का अन्योन्याश्रित संबंध रहा है। कबीर भक्ति परंपरा की निर्गुण धारा के ऐसे कवि हैं जिन्होंने 15वीं शताब्दी में हिन्दू-मुस्लिम एकता का जो संदेश दिया, उसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। स्पिक मैके का उद्देशय हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित एवं संवर्धित करना तथा युवा पीढ़ी में इसके प्रति जागरूकता पैदा करना है।

पद्मश्री कालूराम बामनिया ने अपनी मालवी शैली की सुमधुर गायकी से कबीर के चुनिंदा दोहे एवं पद प्रस्तुत कर सभागार को भक्तिरस में डुबो दिया। “सतगुरु हम हूँ रीझि करि कहा एक प्रसंग…”, “बरस्या बादल प्रेम का, भीजि गया सब अंग…”, “मन लागो मेरो यार फकीरी में…”, “घड़ा दिन सो लियो, अब तो जाग मुसाफिर…”, “काया को अहंकार मत कर, माया को घमंड…” जैसे कबीर के मानवतावादी, निर्भीक और स्पष्टवादी विचारों से ओत-प्रोत रचनाओं की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. शुभा सक्सेना ने कहा कि यह आयोजन छात्राओं को कबीर दर्शन से परिचित कराने के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश देता है। कार्यक्रम का संचालन छात्रा जिज्ञासा मिश्रा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रूबी साह ने किया।

इस अवसर पर डॉ. अपर्णा शुक्ला, डॉ. वेणु वनिता, श्रीमती मीनाक्षी मधुर, डॉ. विभा सिंह, डॉ. शिवानी शुक्ला, डॉ. नीता दिसवाल सहित कॉलेज का समस्त शिक्षक-शिक्षिका वर्ग एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

Shiv murti

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