कांवरिया मार्ग के बीच चार दिन से तड़प रहे नंदी, शिवभक्तों की आस्था हुई आहत
कछवा मोड़ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने डिवाइडर पार्क में घायल नंदी की कराह सुनकर भी जिम्मेदार बेखबर
वाराणसी (जनवार्ता)। सावन के पावन महीने में जब हजारों शिवभक्त कांवर लेकर बाबा विश्वनाथ को जल चढ़ाने के लिए गुजर रहे हैं, उसी कांवरिया मार्ग पर एक घायल नंदी की चार दिनों से जारी कराह लोगों को झकझोर रही है। मिर्जामुराद क्षेत्र के कछवा मोड़ के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग की दोनों लेन के बीच बने पार्क में घायल अवस्था में पड़े नंदी उपचार और मदद की बाट जोह रहे है।


शिवभक्तों का कहना है कि नंदी भगवान शिव के प्रिय माने जाते हैं। ऐसे पावन सावन माह में कांवरिया मार्ग के बीच एक नंदी का दर्द से तड़पना और समय रहते उसका उपचार न होना बेहद पीड़ादायक है। मार्ग से गुजर रहे शिवभक्त नंदी की हालत देखकर मायूस और जिम्मेदारों की उदासीनता से नाराज नजर आ रहे हैं।

क्षेत्र के शिवभक्त श्याम उपाध्याय ने नंदी की जान बचाने की पहल करते हुए राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी के वाराणसी जिलाध्यक्ष जहीर बाबा से संपर्क किया। उन्होंने नंदी को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर उपचार कराने की अपील की और इलाज में होने वाला खर्च स्वयं वहन करने की बात कही।
जहीर बाबा के अनुसार, घायल नंदी की स्थिति को देखते हुए पिछले चार दिनों से नगर निगम प्रशासन से त्वरित कार्रवाई और पशु चिकित्सा टीम भेजने का आग्रह किया जा रहा है। उनका आरोप है कि लगातार अनुरोध के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि सावन माह में कांवरिया मार्ग की संवेदनशीलता को देखते हुए नंदी को तत्काल रेस्क्यू कर इलाज उपलब्ध कराया जाए।
शिवभक्तों का सवाल है कि जब सावन में हर कदम पर ‘हर-हर महादेव’ का जयघोष गूंज रहा है, तब उसी मार्ग पर भगवान शिव के प्रिय नंदी की कराह अनसुनी क्यों हो रही है? लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि धार्मिक आस्था और मानवीय संवेदना को देखते हुए बिना किसी देरी के घायल नंदी का उपचार कराया जाए, ताकि उसकी जान बचाई जा सके।

