मोजाम्बिक रेलवे के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने किया बरेका का दौरा

मोजाम्बिक रेलवे के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने किया बरेका का दौरा

3300 एचपी केप गेज लोकोमोटिव की निर्माण प्रगति से हुए प्रभावित

rajeshswari

वाराणसी (जनवार्ता)।  बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में सोमवार को मोजाम्बिक रेलवे (सीएफएम) के तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य मेसर्स राइट्स के माध्यम से बरेका को सौंपे गए 10 अत्याधुनिक 3300 हॉर्स पावर केप गेज एसी-एसी डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के निर्माण की वर्तमान स्थिति का जायजा लेना था।

प्रतिनिधिमंडल में मोजाम्बिक रेलवे के कार्यकारी बोर्ड सदस्य कैंडिडो गुमिस्साई जोन, वरिष्ठ यांत्रिक इंजीनियर एरास्टो जैसिंटो इवानो मुलेम्ब्वे तथा बोर्ड सलाहकार अरुण कुमार नरसिम्हा पाई शामिल थे। बरेका पहुंचने पर प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर एस.के. श्रीवास्तव ने फूलों का गुलदस्ता भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया।

प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले कारखाने की न्यू ब्लॉक शॉप, लाइट मशीन शॉप, सब-असेम्बली शॉप, इंजन टेस्ट शॉप तथा लोको असेंबली शॉप सहित विभिन्न उत्पादन इकाइयों का विस्तृत भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें मोजाम्बिक के लिए बन रहे लोकोमोटिव के हर चरण की जानकारी दी गई तथा बरेका की अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधाओं को दिखाया गया। इसके बाद डिज़ाइन विभाग का दौरा किया गया, जहां लोकोमोटिव के डिज़ाइन में और बेहतरी के लिए गहन चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल बरेका की डिज़ाइन क्षमता और उत्पादन गुणवत्ता से काफी प्रभावित नजर आया।

कारखाना भ्रमण के बाद जीएम कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित बैठक में मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (उत्पादन एवं विपणन) सुनील कुमार तथा मुख्य अभिकल्प इंजीनियर-डीजल प्रवीण कुमार ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए बरेका की उपलब्धियां, तकनीकी प्रगति, निर्यात अनुभव तथा मोजाम्बिक लोकोमोटिव की निर्माण प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी। बैठक में क्रिटिकल कंपोनेंट्स और नवीनतम तकनीकी विशेषताओं पर विशेष चर्चा हुई।

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गौरतलब है कि अब तक इन 10 लोकोमोटिव में से 4 का निर्माण पूरा कर अक्टूबर 2025 तक मोजाम्बिक रवाना किया जा चुका है। शेष 6 लोकोमोटिव भी शीघ्र ही पूर्ण कर भेज दिए जाएंगे। ये केप गेज (1067 मिमी) लोकोमोटिव 100 किमी/घंटा की अधिकतम गति से चलने में सक्षम हैं तथा इनमें चालक के लिए रेफ्रिजरेटर, हॉट प्लेट, मोबाइल होल्डर, आधुनिक शौचालय और आरामदायक कैब डिज़ाइन जैसी सुविधाएं दी गई हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं।

बरेका ने 1956 में स्थापना के बाद से अब तक 11,000 से अधिक लोकोमोटिव का निर्माण किया है, जिनमें से 176 लोकोमोटिव तंजानिया, वियतनाम, माली, सेनेगल, अंगोला, म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका, मलेशिया, मोजाम्बिक, सूडान आदि देशों को निर्यात किए जा चुके हैं। मोजाम्बिक प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा एक बार फिर साबित करता है कि “मेड इन इंडिया” रेल इंजन विश्व स्तर पर अपनी गुणवत्ता और विश्वसनीयता के लिए पहचाने जा रहे हैं।

Shiv murti

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