सरकारी हैंडपंप पर कब्जे का आरोप, पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण
वाराणसी (जनवार्ता)। विकासखंड बड़ागांव के ग्राम नथईपुर, पोस्ट कुआर में सरकारी हैंडपंप को लेकर विवाद गहरा गया है। गांव निवासी तारकनाथ दुबे ने अपने पाटीदार ब्रह्मदेव दुबे एवं उनके परिवार पर सरकारी हैंडपंप पर अवैध कब्जा करने और ग्रामीणों को पानी लेने से रोकने का आरोप लगाया है।

तारकनाथ दुबे के अनुसार वर्ष 2005 में सरकारी धन से गांव में सार्वजनिक उपयोग के लिए हैंडपंप लगाया गया था। आरोप है कि कुछ वर्ष पूर्व उक्त हैंडपंप को उखाड़कर उसमें समरसेबल पंप लगा दिया गया, जिसके बाद ग्रामीणों के लिए पानी लेना मुश्किल हो गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी गांव के लोग पानी लेने पहुंचते हैं तो उन्हें गाली-गलौज कर भगा दिया जाता है तथा जान से मारने की धमकी दी जाती है। उनका कहना है कि पानी लेने के बदले प्रति माह एक हजार रुपये की मांग भी की जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि सार्वजनिक संसाधन होने के बावजूद उन्हें उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
तारकनाथ दुबे ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की। उनके अनुसार पूर्व में प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद कुछ समय के लिए समरसेबल हटाया गया था, लेकिन बाद में पुनः लगा दिया गया। उन्होंने दावा किया कि कई बार शिकायत और नोटिस जारी होने के बावजूद अब तक कोई स्थायी कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच उन्हें पेयजल के लिए दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर सार्वजनिक हैंडपंप को आम लोगों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराने की मांग की है।

