झांसी : पीडब्ल्यूडी का वरिष्ठ क्लर्क रंगेहाथ 20 हजार की घूस लेते गिरफ्तार
झांसी। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के पेंशन विभाग में तैनात सीनियर क्लर्क संतोष निरंजन को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है। आरोपी क्लर्क एक रिटायर्ड कर्मचारी के बेटे से 20 हजार रुपये की घूस ले रहा था, तभी टीम ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के दौरान संतोष निरंजन ने शर्मिंदगी से बचने के लिए रुमाल से अपना चेहरा ढंक लिया, लेकिन इससे उसकी शर्मिंदगी और भी बढ़ गई।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब रिटायर बेलदार घनश्याम कुशवाहा के बेटे राजेंद्र ने एंटी करप्शन विभाग में शिकायत दर्ज की। उनके पिता 31 अक्टूबर 2025 को PWD से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (बेलदार) के पद से रिटायर हुए थे। उन्हें लगभग 20 लाख रुपये की ग्रेच्युटी और पेंशन मिलनी बाकी थी।
राजेंद्र ने बताया कि जब वे फाइल आगे बढ़वाने के लिए संतोष निरंजन से मिले, तो उसने पहले 1 लाख रुपये की मांग की। बाद में बातचीत के बाद 20 हजार रुपये पर सहमति बनी। राजेंद्र ने किसी तरह पैसे जुटाए और तय तारीख पर पैसे देने पहुंचे, तभी एंटी करप्शन टीम ने केमिकल लगे नोटों के साथ ट्रैप लगाया और आरोपी को रिश्वत लेते पकड़ लिया। मौके से पूरी रकम बरामद कर ली गई।
हैरत की बात यह है कि आरोपी संतोष निरंजन का परिवार काफी संपन्न बताया जा रहा है। वह 2017 से झांसी में ही तैनात है। उसके दो भाई बिजली विभाग में जूनियर इंजीनियर हैं और घर की बहू भी सरकारी नौकरी में है। इसके बावजूद उसने एक बीमार रिटायर्ड चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के परिवार को परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
एंटी करप्शन टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी को पूछताछ के लिए शहर कोतवाली ले जाया गया है और आगे की जांच जारी है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सरकारी कर्मचारी कितने भी उच्च पद पर क्यों न हों, भ्रष्टाचार के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

