टूरिस्ट टैक्सी संचालकों ने वन टाइम टैक्स का किया जोरदार विरोध
28 फरवरी तक सरकार को अल्टीमेटम
वाराणसी (जनवार्ता) : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा छोटी टैक्सी और कमर्शियल वाहनों पर लागू किए गए वन टाइम टैक्स (एकमुश्त कर) के खिलाफ बनारस टूरिस्ट एसोसिएशन (बीटीए) और बनारस टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (बीटीटीए) के नेतृत्व में सोमवार को स्थानीय टैक्सी वाहन स्वामियों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अपने वाहनों का संचालन पूरी तरह रोक दिया और परिवहन विभाग वाराणसी के जरिए मुख्यमंत्री तथा परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपा।


बीटीटीए के महामंत्री प्रकाश जायसवाल ने कहा कि सरकार की यह नीति टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को पूरी तरह खत्म करने जैसी लग रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आए दिन नए-नए कानूनों से व्यवसायियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। सरकार व्यवसायियों से उनकी आय का 10 गुना तक टैक्स वसूलने की मंशा से अधिनियम बनाती है, ताकि वे खुद इस व्यवसाय से दूर हो जाएं। वन टाइम टैक्स भी इसी का हिस्सा है।
बीटीए के अध्यक्ष नीरज ने बताया कि इस टैक्स से टूरिस्टों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा, जिससे वाराणसी सहित पूरे उत्तर प्रदेश में पर्यटकों की संख्या घट सकती है। यदि सरकार का रवैया यही रहा तो पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित होगा।
श्रीजन गुप्ता ने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो जल्द ही पूरे प्रदेश में टैक्सी वाहन स्वामी सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेंगे। एसोसिएशन के संरक्षक राजनीश दुबे ने आरटीओ वाराणसी को दिए गए पत्र में तत्काल मांगों को पूरा करने की अपील की।
प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख मांगें रखी हैं कि छोटी टैक्सी गाड़ियों पर लगाए गए वन टाइम टैक्स को तुरंत वापस लिया जाए, पुरानी गाड़ियों पर इस टैक्स से जुड़ी पेनल्टी को पूरी तरह माफ किया जाए, पूर्ववत् टैक्स पोर्टल के माध्यम से बार-बार भुगतान की पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए और अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों पर बॉर्डर हटने के बावजूद परिवहन विभाग द्वारा की जा रही धन उगाही पर रोक लगाई जाए।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 28 फरवरी तक सरकार इन मांगों को नहीं मानती है, तो पूरे उत्तर प्रदेश में टैक्सी वाहन स्वामी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे और सड़कों पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।

