वाराणसी : शिक्षक 4 अप्रैल को दिल्ली रामलीला मैदान में करेंगे जोरदार महारैली
वाराणसी (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ नेता सनत कुमार सिंह ने शिक्षकों को एकजुट होकर अपनी सेवा बचाने का जोरदार आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा के नेतृत्व में देशभर के लाखों शिक्षक आरटीई एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता हटाने की मांग को लेकर संघर्षरत हैं।

शिक्षकों का तर्क है कि आरटीई एक्ट से पूर्व नियुक्त हजारों शिक्षकों ने वर्षों तक सेवा दी है, लेकिन अब टीईटी पास न करने के कारण उनकी नौकरियां खतरे में पड़ गई हैं। टीएफआई ने दिसंबर 2025 में केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था और बजट सत्र में इस मुद्दे पर विधेयक लाने की उम्मीद जताई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे शिक्षकों में गहरा असंतोष फैल गया है। विभिन्न जिलों में जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को दो-दो बार ज्ञापन भेजे गए, सांसदों को ज्ञापन सौंपे गए और कई सांसदों ने संसद में मुद्दा उठाया, लेकिन शिक्षा मंत्रालय शिक्षकों एवं उनके परिवारों के प्रति संवेदनशील नहीं दिख रहा।
डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा ने शिक्षकों से अपील की है कि 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचकर अपनी सेवा और अधिकारों की रक्षा करें। सनत कुमार सिंह ने वाराणसी के सभी शिक्षकों से आग्रह किया है कि वे इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी करें और #NoTetBeforeRteAct के तहत टीईटी से जुड़े “काले कानून” को समाप्त कराने की लड़ाई को मजबूत बनाएं। यह आंदोलन टीएफआई के बैनर तले चल रहा है, जिसमें पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से स्थायी छूट देने के लिए विशेष कानून बनाने की प्रमुख मांग है। शिक्षक नेता इसे “आर-पार की लड़ाई” बता रहे हैं।
वाराणसी के शिक्षकों से अपील है कि 4 अप्रैल को दिल्ली कूच करें, एकजुट हों और अपने हक के लिए आवाज बुलंद करें।

