कर्ज के बोझ तले दबा परिवार
लखनऊ के नीवा गांव में मां-बेटे की मौत, पिता ICU में
लखनऊ (जनवार्ता): राजधानी लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र के नीवा गांव में कर्ज के भारी दबाव ने एक परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना में ढाबा चलाने वाले परिवार के मुखिया रूप नारायण चौरसिया (55), उनकी पत्नी तारावती (50) और बेटे संदीप (30) ने जहरीला पदार्थ खा लिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तारावती और संदीप को मृत घोषित कर दिया, जबकि रूप नारायण की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज आईसीयू में चल रहा है।

परिजनों के अनुसार, परिवार गांव में छोटा-सा चाय का होटल (ढाबा) चलाकर गुजारा करता था। आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने बैंक से लोन लिया था, लेकिन बकाया राशि चुकाने में असमर्थ होने के कारण दो दिन पहले बैंक कर्मियों ने उनके घर पर नोटिस चस्पा किया। इस नोटिस ने पूरे परिवार को गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें परिवार ने खुदकुशी की जिम्मेदारी ली है और किसी अन्य व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया। हालांकि, घर पर लगा बैंक नोटिस आंशिक रूप से फटा हुआ मिला, जिससे बैंक की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
बंथरा पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। बैंक से जुड़े दस्तावेजों, लोन की डिटेल्स और अन्य साक्ष्यों को इकट्ठा किया जा रहा है। रूप नारायण के स्वास्थ्य में सुधार होने पर उनसे भी पूछताछ की जाएगी ताकि घटना के सभी पहलू सामने आ सकें।

