बीएचयू : बिरला हॉस्टल फायरिंग में शामिल 25-25 हजार के इनामी तीन आरोपी गिरफ्तार
वाराणसी (जनवार्ता) | बीएचयू के बिरला हॉस्टल के पास 21 फरवरी की रात हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। लंका थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा की टीम ने मुखबिर की सूचना और सर्विलांस की मदद से तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।


गिरफ्तार आरोपी पीयूष तिवारी (22 वर्ष), ऋषभ राय (24 वर्ष) और तपस राय (23 वर्ष) बिहार के कैमूर जिले के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी पूर्व से आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और इन पर विभिन्न थानों में कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
21 फरवरी की रात बीएचयू परिसर में बिरला ‘ए’ हॉस्टल के गेट के पास आपसी रंजिश में आरोपीयों ने बाइक सवार होकर एक छात्र (रोशन मिश्रा) पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। चार राउंड गोलियां चलीं, जिससे पूरे कैंपस में दहशत फैल गई। छात्र बाल-बाल बचे, लेकिन घटना के बाद छात्रों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन भी किया था। पुलिस ने तुरंत मामले में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी।
लंका थाना पुलिस टीम ने सूचना मिलते ही त्वरित एक्शन लिया। तकनीकी निगरानी और मुखबिर की मदद से तीनों आरोपियों को वाराणसी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान उनके कब्जे से एक अवैध पिस्टल (.32 बोर) भी बरामद की गई है।
तीनों आरोपियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
इस उल्लेखनीय सफलता पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने लंका थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा और उनकी पूरी टीम को 25,000 का पुरस्कार घोषित किया है।
एसएचओ राजकुमार शर्मा ने बताया, “आरोपी पूर्व से क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले हैं। हमने पूरी टीम के साथ मिलकर रात-दिन मेहनत की और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया। कैंपस की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।”
यह कार्रवाई बीएचयू छात्रों और स्थानीय निवासियों में राहत की लहर पैदा कर रही है। पुलिस ने बाकी फरार आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी है।
बीएचयू प्रशासन ने भी इस मामले में सख्ती बरतते हुए कहा है कि दोषी छात्रों पर विश्वविद्यालय स्तर पर भी कार्रवाई की जाएगी।

