काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने लिया हाईटेक एसओपी का जायजा
वाराणसी (जनवार्ता) । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन किए। दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर प्रशासन की हाईटेक भीड़ प्रबंधन व्यवस्था (एसओपी) का विस्तार से जायजा लिया और अधिकारियों के साथ बैठक की।


सीएम मोहन यादव ने कहा, “प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में आकर बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।” उन्होंने मंदिर के सीईओ विश्व भूषण मिश्र से धाम में लागू की गई आधुनिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम में कुल 115 विग्रह स्थापित हैं, जिनमें 14 प्रधान महादेव शामिल हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए रुद्राभिषेक की व्यवस्था को डिजिटल गाइडेंस और बुकलेट के माध्यम से समझाया जाता है, जिससे श्रद्धालु अलग-अलग स्थानों पर पूजा कर सकें और भीड़ एक जगह केंद्रित न हो।
मंदिर की मुख्य व्यवस्थाओं में होल्डिंग एरिया बनाकर भीड़ को नियंत्रित करना, जिक-जैक लाइन सिस्टम से व्यवस्थित प्रवेश, भीड़ के अनुसार लाइन की लंबाई घटाना-बढ़ाना, वीआईपी और आम श्रद्धालुओं के लिए अलग एंट्री व्यवस्था, चार अलग-अलग गेट से प्रवेश और निकास, हेड काउंट कैमरों से प्रति घंटे भीड़ की निगरानी तथा अधिक भीड़ होने पर गर्भगृह के बाहर से दर्शन की व्यवस्था शामिल है।
गंभीर बीमार श्रद्धालुओं के लिए विशेष सहायक की व्यवस्था की गई है, जो उन्हें सुरक्षित तरीके से मंदिर में प्रवेश और बाहर निकालने में मदद करता है। साफ-सफाई के दौरान भी धार्मिक परंपराओं का पूरा ध्यान रखा जाता है। महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्वों पर पहले से सजावट और दर्शन व्यवस्था के निर्देश जारी किए जाते हैं।
सीएम मोहन यादव के वाराणसी पहुंचने पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, राकेश सचान, गिरीश यादव तथा जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या ने एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया।
सीएम मोहन यादव ने बताया कि वे एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जहां दोनों राज्यों के बीच निवेश, अधोसंरचना और आर्थिक विकास को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा होगी। मध्य प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों और औद्योगिक अवसरों को इस मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
यह यात्रा धार्मिक श्रद्धा और दोनों राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

