एनडीआरएफ को मिला राष्ट्रपति ध्वज, अमित शाह ने किया सम्मानित
वाराणसी (जनवार्ता) । केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गाजियाबाद स्थित आठवीं वाहिनी परिसर में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को प्रतिष्ठित “राष्ट्रपति ध्वज” प्रदान किया। यह सम्मान बल की उत्कृष्ट सेवा, उच्च व्यावसायिक दक्षता और मानवीय प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जाता है।


समारोह में एनडीआरएफ के महानिदेशक पीयूष आनंद सहित बल के अधिकारी, जवान और उनके परिवारजन मौजूद रहे। इस अवसर पर केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो निदेशक तपन कुमार डेका, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य कृष्ण वत्स, विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशक, पूर्व महानिदेशक एनडीआरएफ तथा कई राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।

वर्ष 2006 में स्थापना के बाद से एनडीआरएफ ने “आपदा सेवा सदैव सर्वत्र” के ध्येय वाक्य को सार्थक करते हुए देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। वर्तमान में बल की 16 बटालियनें 69 स्थानों पर तैनात हैं। एनडीआरएफ को “ऑरेंज एंजेल्स” के नाम से भी जाना जाता है।
बल ने अब तक करीब 12 हजार आपदा राहत अभियानों का सफल संचालन किया है। इन अभियानों में डेढ़ लाख से अधिक लोगों को जीवित बचाया गया, जबकि नौ लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। जापान, नेपाल, तुर्किये, म्यांमार और श्रीलंका समेत कई अंतरराष्ट्रीय अभियानों में भी एनडीआरएफ ने अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया है।
अपने संबोधन में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति ध्वज किसी भी बल को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है, जो अनुशासन, त्याग और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ अपनी त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय सेवा भावना के कारण विश्वस्तरीय आपदा प्रतिक्रिया बल के रूप में उभरा है।
गृह मंत्री ने कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए एनडीआरएफ के 17 जवानों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। वहीं, महानिदेशक पीयूष आनंद ने इसे बल के इतिहास का गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि एनडीआरएफ लगातार तकनीकी क्षमता, प्रशिक्षण और सामुदायिक जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
समारोह के दौरान अमित शाह ने देहरादून स्थित एनडीआरएफ क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र का वर्चुअल उद्घाटन किया तथा अगरतला, एर्नाकुलम, नूरपुर, लखनऊ, गंगटोक और गांधीनगर में छह नए क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्रों की आधारशिला रखी। साथ ही उत्कृष्ट सेवा और जीवन रक्षा के लिए अधिकारियों एवं बचावकर्मियों को पदक और ट्रॉफियां भी प्रदान की गईं।
कार्यक्रम में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के ब्रास एवं पाइप बैंड की प्रस्तुति और एनडीआरएफ जवानों के रस्सी बचाव प्रदर्शन ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

