चलती ट्रेन में फायरिंग कर 7 लाख की लूट, बदमाश कूदकर फरार
रामपुर(जनवार्ता)।
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में बुधवार सुबह चलती संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में हथियारबंद बदमाशों ने दो कर्मचारियों से करीब 7 लाख रुपये लूट लिए। वारदात के दौरान आरोपियों ने तमंचा और पिस्टल के बल पर कर्मचारियों को बंधक बनाया तथा भागते समय हवाई फायरिंग कर दहशत फैला दी। ट्रेन की रफ्तार धीमी होते ही बदमाश चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गए। घटना बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र की बताई जा रही है।
पीड़ित ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड) के रुद्रपुर स्थित सिंह कॉलोनी निवासी कारोबारी प्रतिष्ठान जपनीत ऑटो के कर्मचारी रितिक मंडल और साहिब सिंह हैं। दोनों बुधवार सुबह रुद्रपुर रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे, जहां उन्हें ऑटोमोबाइल सामान खरीदना था। इसके लिए वे अपने साथ करीब 7 लाख रुपये नकद लेकर चल रहे थे।


जानकारी के अनुसार, सुरक्षा के लिहाज से दोनों कर्मचारियों ने नकदी को कमर में बेल्ट के जरिए बांध रखा था। आशंका है कि बदमाशों को पहले से इस रकम की जानकारी थी और वे रेकी कर उसी ट्रेन में सवार हुए थे।
जैसे ही संपर्क क्रांति एक्सप्रेस बिलासपुर रोड स्टेशन के पास धीमी हुई, तीन बदमाशों ने दोनों कर्मचारियों को घेर लिया। आरोपियों ने उनके सिर पर तमंचा और पिस्टल तानकर जान से मारने की धमकी दी और कमर से बंधी नकदी वाली बेल्ट छीन ली।
वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने यात्रियों में दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग की और फिर चलती ट्रेन से छलांग लगाकर फरार हो गए। घटना के बाद ट्रेन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही रुद्रपुर रेलवे स्टेशन पर व्यापारियों की भीड़ जुट गई। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने पीड़ित कर्मचारियों से मुलाकात की। वहीं व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा के नेतृत्व में व्यापारियों ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
सूचना पर जीआरपी और आरपीएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने पीड़ितों से पूछताछ के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन देर शाम तक बदमाशों का कोई सुराग नहीं लग सका।
जीआरपी प्रभारी ईश्वर चंद ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। वहीं आरपीएफ अधिकारी शिखा मलिक ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस स्टेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को शक है कि वारदात में किसी इनसाइडर की सूचना शामिल हो सकती है, क्योंकि बदमाशों को नकदी छिपाने की सटीक जानकारी थी।

