नेहिया गांव में बहरियों के प्रवेश पर रोक
उपद्रवियों की पहचान के लिए गांव में जगह-जगह पोस्टर चस्पा
वाराणसी (जनवार्ता) । चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहिया गांव में रामनवमी पर लगाए गए भगवा झंडे और अंबेडकर जयंती पर लगाए गए नीले झंडे को लेकर शुरू हुआ विवाद शुक्रवार को हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच हुए पथराव में एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना समेत सात से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने मामले में 11 नामजद और करीब 50 अज्ञात समेत कुल 60 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, दंगा और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

विवाद की जड़ बाबा बटुक भैरव धाम (मुख्य गेट) पर रामनवमी के दौरान लगाए गए भगवा झंडे को अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल) के दिन हटाकर नीला झंडा लगाए जाने से शुरू हुई। पुलिस ने पहले सभी झंडे हटवा दिए थे, लेकिन दोबारा झंडा लगाने को लेकर शुक्रवार को सैकड़ों लोग गांव के मुख्य गेट के पास इकट्ठा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
सूचना मिलते ही चोलापुर पुलिस के साथ एसीपी विदुष सक्सेना मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को समझाने के दौरान पीछे से पथराव शुरू हो गया, जिसमें एसीपी के भौंहे पर चोट आई, जबकि पीएसी के दरोगा हरेंद्र राय का सिर फट गया और सिपाही अंकित मिश्रा भी घायल हो गए। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
गोसाईपुर चौकी प्रभारी विपिन पांडे की तहरीर पर चोलापुर थाने में 12 धाराओं (दंगा, हत्या का प्रयास, लोकसेवक पर हमला आदि) में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी की तलाश जारी है।
डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि उपद्रवियों की पहचान के लिए गांव में जगह-जगह पोस्टर चस्पा किए गए हैं, जिनमें सीसीटीवी फुटेज और मीडिया तस्वीरों के आधार पर संदिग्धों के चेहरे दिखाए गए हैं। गांव में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी गई है और आने-जाने वालों की आधार कार्ड से जांच की जा रही है। सोशल मीडिया पर भी सख्त नजर रखी जा रही है ताकि अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित किया जा सके।
घटना के अगले दिन शनिवार को स्थिति नियंत्रण में रही। एडीसीपी लिपि नागायच, ट्रेनी आईपीएस मानसी दहिया (चोलापुर थाना प्रभारी) और अन्य अधिकारियों ने गांव का दौरा कर ग्रामीणों से बातचीत की और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। गांव में भारी पुलिस बल और पीएसी की दो अतिरिक्त कंपनियां तैनात कर दी गई हैं।
वर्तमान में नेहिया गांव में पुलिस की कड़ी निगरानी के बीच तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ बिना किसी पक्षपात के सख्त कार्रवाई की जाएगी।

