दादा रहे आजाद हिंद फौज में सिपाही, एटीएस ने तुषार को आतंकी कनेक्शन में पकड़ा
बागपत (जनवार्ता) ।
उत्तर प्रदेश एटीएस ने आतंकी कनेक्शन के शक में तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान को गिरफ्तार किया है। तुषार मूल रूप से बागपत जिले के रमाला गांव का निवासी है और हाल के समय में मेरठ में रह रहा था। उसके परिवार की पृष्ठभूमि देश सेवा से जुड़ी रही है। उसके दादा गोवर्धन सिंह आजाद हिंद फौज में सिपाही थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य सेना और पुलिस में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

परिजनों के अनुसार, तुषार के पिता शैलेंद्र चौहान प्रॉपर्टी डीलर हैं और परिवार करीब दो दशक पहले देहरादून चला गया था। बाद में वे मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र में बस गए। गांव में उनका पुश्तैनी मकान जर्जर स्थिति में है, जबकि करीब 10 बीघा कृषि भूमि ठेके पर दी गई है। ताऊ रविंद्र चौहान ने बताया कि तुषार का व्यवहार लंबे समय से असामान्य था और वह मानसिक रूप से अस्थिर रहता था।
बताया गया कि तुषार पढ़ाई में कमजोर था और उसने ओपन बोर्ड से दो बार हाईस्कूल की परीक्षा दी। उसे नजफगढ़ स्थित एक क्रिकेट एकेडमी में भी दाखिला दिलाया गया, लेकिन वह वहां भी ज्यादा समय तक नहीं टिक सका। कुछ समय पहले वह सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में जेल भी जा चुका है।
परिवार का कहना है कि तुषार अक्सर अजीब हरकतें करता था और कई बार लोगों को काटने तक की घटनाएं सामने आई थीं। उनका दावा है कि उन्हें इस बात का कोई अंदेशा नहीं था कि वह किसी देश-विरोधी गतिविधि में शामिल हो सकता है।
एटीएस सूत्रों के अनुसार, नोएडा से गिरफ्तार तुषार और उसके साथी समीर खान से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दोनों लखनऊ और दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालयों पर हमले की योजना बना रहे थे। इसके लिए एके-47 और हैंड ग्रेनेड के इस्तेमाल की तैयारी थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी पाकिस्तान से जुड़े गैंगस्टरों के संपर्क में थे, जिन्होंने उन्हें सरकारी इमारतों, भाजपा नेताओं और संघ कार्यालयों को निशाना बनाने के निर्देश दिए थे। उन्हें दिल्ली और लखनऊ के नक्शे उपलब्ध कराए गए थे और रेकी करने को कहा गया था।
फिलहाल एटीएस दोनों आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की तैयारी कर रही है।

