सच्चा रहबर वही होता है,जो अपनी क़ौम नहीं बल्कि पूरी इंसानियत के लिए आवाज़ उठाएं

सच्चा रहबर वही होता है,जो अपनी क़ौम नहीं बल्कि पूरी इंसानियत के लिए आवाज़ उठाएं

वाराणसी (जनवार्ता) : रहबर मोअज़्ज़म आयतुल्लाह अली खामेनई की जिंदगी को अगर गहराई से देखा जाए तो वह हमेशा मजलूमों की हिमायत और जालिमों के मुकाबले डटकर खड़े रहने की मिसाल रही है।

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उक्त बातें सोमवार को अर्दली बाज़ार में शिया जामा मस्जिद मीर गुलाम अब्बास में अंजुमन इमामिया अर्दली बाजार की जानिब से अयोजित अयातुल्लाह अली खामेंनई के चेहल्लुम की मजलिस में तकरीर करते हुए मौलाना सैयद अली यासिर रिज़वी ने कही।मौलाना ने कहा कि उनकी कयादत का बुनियादी उसूल कमज़ोर और मजलूमों की मदद रहा।


मजलिस में दूसरी तकरीर मौलाना तौसीफ अली इमामे जुमा और दिल्ली बाजार ने कहीं की आयतुल्लाह अली खामेनई की जिंदगी सादगी सब्र और गहरी सोच का बेहतरीन नमूना है।
सच्चा रहबर वही होता है जो अपनी काम ही नहीं बल्कि पूरी इंसानियत के लिए आवाज़ उठाएं।
पेशख़ानी तफ़सीर जौनपुरी, जैन बनारसी, अदनान, मोहम्मद ने की। निजामत संचालन नबील हैदर व
शुक्रिया अंजुमन मंगिया की जनरल सेक्रेटरी ज़फ़र अब्बास रिज़वी ने किया ।

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Shiv murti

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