बैंकों के सैकड़ों करोड़ के फ्रॉड आरोपी कमलेश पारेख को भारत लाया UAE से भारत लाई CBI

बैंकों के सैकड़ों करोड़ के फ्रॉड आरोपी कमलेश पारेख को भारत लाया UAE से भारत लाई CBI

दिल्ली  (जनवार्ता) : केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बैंकों से सैकड़ों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोपी भगोड़े कमलेश पारेख को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत ले आई है। इंटरपोल की मदद से हुई इस कार्रवाई में विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) का भी सहयोग रहा। पारेख शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे और CBI की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

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CBI के अनुसार, कमलेश पारेख एक बड़े बैंकिंग और वित्तीय धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम को इस घोटाले में सैकड़ों करोड़ रुपये (कुछ रिपोर्ट्स में ₹2,672 करोड़ तक) का नुकसान हुआ। आरोप है कि पारेख और अन्य प्रमोटर्स-डायरेक्टर्स ने साजिश रचकर बैंक लोन की राशि को विदेशी संस्थाओं खासकर UAE में के जरिए डायवर्ट कर लिया। उन्होंने एक्सपोर्ट से जुड़े ऑपरेशन्स और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन्स में फ्रॉडुलेंट तरीके अपनाए जैसे फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन्स में हेराफेरी और बैंकिंग चैनल्स का दुरुपयोग।

2019 में पारेख के खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी हुआ था। CBI ने इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी कराया। UAE में पारेख को ट्रेस किया गया और वहां की अथॉरिटीज ने उन्हें डिटेन कर लिया। भारत-UAE के बीच कानूनी प्रक्रिया और समन्वय के बाद उन्हें भारत सौंप दिया गया।

पारेख को CBI की बैंक सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड ब्रांच (BSFB), कोलकाता की टीम ने दिल्ली में कस्टडी में लिया है। आगे की पूछताछ और जांच जारी है।

इस ऑपरेशन में CBI ने एक और भगोड़े आलोक कुमार (उर्फ यशपाल सिंह) को भी UAE से लाया है। वह पासपोर्ट फ्रॉड रैकेट से जुड़े मामलों में wanted था।

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यह कार्रवाई आर्थिक अपराधियों के खिलाफ भारत सरकार की “ऑपरेशन ग्लोबल हंट” जैसी पहलों का हिस्सा मानी जा रही है। हाल के वर्षों में इंटरपोल और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से 150 से ज्यादा भगोड़ों को भारत लाया जा चुका है।

Shiv murti

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