पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बीच हिंसा भड़की: सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्र नाथ रथ की गोली मारकर हत्या
मध्यमग्राम (जनवार्ता) : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य में हिंसा का सिलसिला लगातार जारी है। अब इस हिंसा ने और भयावह रूप ले लिया है। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी निजी सहायक चंद्र नाथ रथ की मध्यमग्राम क्षेत्र में सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई।

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार देर रात हमलावरों ने चंद्र नाथ रथ की गाड़ी का पीछा किया। फिर उन्हें ओवरटेक कर जबरन रोक दिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। घटनास्थल पर करीब 12 राउंड गोलियां चलाई गईं। चंद्र नाथ रथ को सिर, सीने और पेट में कई गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके साथ गाड़ी में मौजूद एक अन्य साथी भी गंभीर रूप से घायल हो गया है।
घटना की सूचना मिलते ही सुवेंदु अधिकारी तुरंत मध्यमग्राम के लिए रवाना हो गए। चंद्र नाथ रथ पिछले एक दशक से सुवेंदु अधिकारी के साथ थे और उनके सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल थे। वे भवानीपुर क्षेत्र में सुवेंदु अधिकारी का सम्पूर्ण कार्य संभालते थे। पूर्व में वे भारतीय वायुसेना (एयरफोर्स) में भी सेवाएं दे चुके थे।
इस हत्याकांड को लेकर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा,
“ममता बनर्जी सत्ता से जाते-जाते बंगाल का माहौल खराब करना चाहती हैं। यह शार्प शूटरों का काम है। मुझे लगता है कि ममता सुवेंदु अधिकारी को मरवाना चाहती हैं।”
अर्जुन सिंह ने आगे कहा कि अपराधी बॉर्डर पार कर आते हैं और प्रशासन की ढिलाई के कारण बेखौफ हो गए हैं। उन्होंने ‘योगी मॉडल’ अपनाकर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
केया घोष ने बातचीत में कहा, “वह बहुत अच्छा और समर्पित कार्यकर्ता था। एक दशक से सुवेंदु दा के साथ था। यह टीएमसी की खूनी राजनीति है। जब भाजपा की सरकार बनेगी तो किसी को नहीं बख्शा जाएगा।”
चुनाव परिणामों के बाद राज्य में हिंसा की कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सुवेंदु अधिकारी के सबसे करीबी सहायक की यह हत्या ने पूरे राजनीतिक गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है। भाजपा का कहना है कि यह हत्या सुवेंदु अधिकारी के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव को रोकने की सोची-समझी साजिश है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

