SOG-02 यूनिट को पूरी तरह भंग
कई थानाप्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव
वाराणसी (जनवार्ता)। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शनिवार को सैनिक सम्मेलन एवं मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की। बैठक में उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जनसुनवाई, अपराध नियंत्रण, विवेचना और कानून-व्यवस्था में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को ही थानाध्यक्ष पद पर रखा जाएगा। लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


बैठक के दौरान पुलिस आयुक्त ने SOG-02 यूनिट को पूरी तरह भंग कर दिया। यूनिट के सभी कर्मियों को पुलिस लाइन में अटैच कर दिया गया है। बाद में नई यूनिट का गठन किया जाएगा।
साथ ही कई थाना प्रभारियों के पदों में बड़े बदलाव किए गए। निरीक्षक प्रमोद कुमार पाण्डेय (मिर्जामुराद) को पुलिस लाइन भेज दिया गया है। निरीक्षक गोपाल जी कुशवाहा (साइबर क्राइम) को मिर्जामुराद, निरीक्षक शिवाकान्त मिश्रा (कैंट) को सिगरा, निरीक्षक संजय कुमार मिश्र (सिगरा) को रामनगर और निरीक्षक राजकिशोर पाण्डेय (रामनगर) को कैंट भेजा गया है। इसके अलावा दो उप-निरीक्षकों का भी तबादला किया गया।
मोहित अग्रवाल ने कहा कि अब प्रदर्शन आधारित जवाबदेही तय की जाएगी। जो अधिकारी जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण नहीं करेंगे, अपराध नियंत्रण में असफल रहेंगे या विवेचना में लापरवाही बरतेंगे, उन्हें थानाध्यक्ष पद से तुरंत हटाया जाएगा।
बैठक में रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण पर भी विशेष चर्चा हुई। पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए कि हर रिक्रूट को प्रतिदिन 6 घंटे इनडोर और 6 घंटे आउटडोर प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही सोशल मीडिया पॉलिसी का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने और CCTNS, थाना रजिस्टर, ई-समन पोर्टल व यक्ष ऐप की पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए गए।
यातायात व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर फोकस करते हुए RTC Scheme के तहत 10 प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी, ZFD (Zero Fatality District) अभियान के तहत सड़क दुर्घटनाओं में शून्य मौत का लक्ष्य, तीन सवारी, बिना नंबर प्लेट और यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। महिला अपराधों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। गोतस्करी, चोरी, साइबर अपराध और NDPS मामलों में गुंडा एक्ट एवं गैंगस्टर एक्ट के तहत तुरंत कार्रवाई की जाएगी। विवेचना कम्पलायंस रेट बढ़ाने के लिए सामान्य मामलों में 60 दिन और गंभीर मामलों में 90 दिन में चार्जशीट दाखिल करने के सख्त निर्देश दिए गए।
इसके अलावा आईजीआरएस शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, जनप्रतिनिधियों के फोन कॉल्स पर प्राथमिकता से सुनवाई और व्यापारियों, पेंशनभोगियों व आमजन के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
गोष्ठी में अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) आलोक प्रियदर्शी सहित सभी अधिकारी, थाना प्रभारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

