वाराणसी में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 250 युवक मुक्त
वाराणसी (जनवार्ता)। साइबर पुलिस और सारनाथ थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने मौके से 250 से अधिक युवकों को मुक्त कराया, जिन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर बुलाकर कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया था। मामले में गिरोह के सरगना समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, यह फर्जी कॉल सेंटर सारनाथ थाना क्षेत्र के नई बाजार इलाके में संचालित किया जा रहा था। यहां पूर्वांचल और बिहार के युवाओं को नौकरी का झांसा देकर बुलाया जाता था। उनसे रजिस्ट्रेशन और ट्रेनिंग के नाम पर करीब 30 हजार रुपये वसूले जाते थे।
एसीपी साइबर क्राइम Vidush Saxena ने बताया कि स्थानीय लोगों को लंबे समय से इस गतिविधि पर संदेह था। सुबह 6 से 7 बजे के बीच बड़ी संख्या में युवक एक मकान में पहुंचते थे, लेकिन आसपास के लोगों से बातचीत नहीं करते थे। सूचना मिलने पर साइबर पुलिस और सारनाथ पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर पूरे मामले का खुलासा किया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां मौजूद युवकों को बाहर निकाला। युवाओं ने बताया कि उन्हें नौकरी दिलाने का वादा किया गया था, लेकिन उनसे मोटी रकम लेने के बाद मल्टीलेवल मार्केटिंग के जरिए नए लोगों को जोड़ने का दबाव बनाया जा रहा था।
पीड़ित युवकों ने पुलिस को बताया कि संचालकों की ओर से उन्हें सख्त निर्देश दिए गए थे कि वे किसी बाहरी व्यक्ति को अपने काम या ठिकाने की जानकारी न दें और न ही सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट साझा करें।
युवाओं का आरोप है कि संचालकों ने आयुर्वेदिक दवाओं के कारोबार से जुड़ी नौकरी का झांसा दिया था, जबकि मौके पर ऐसा कोई काम नहीं चल रहा था। कई युवकों ने अपने परिचितों और परिवार के सदस्यों को भी इस नेटवर्क से जोड़ दिया था, जिनसे भी रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर पैसे लिए गए।
पुलिस ने मौके से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह पिछले करीब दो महीने से सक्रिय था और बड़े स्तर पर युवाओं को निशाना बना रहा था। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

