मार्कंडेय महादेव धाम में कुल्हड़ न डालने की अपील, बच्चों ने निकाली जनजागरूकता रैली
वाराणसी (जनवार्ता)। गंगा-गोमती संगम तट स्थित मार्कंडेय महादेव धाम में गर्भगृह और अरघे में मिट्टी तथा प्लास्टिक के जलपात्र छोड़ने की बढ़ती प्रवृत्ति के खिलाफ शनिवार को बच्चों ने जनजागरूकता रैली निकाली। रैली के माध्यम से श्रद्धालुओं से मंदिर परिसर को स्वच्छ बनाए रखने और उपयोग किए गए कुल्हड़ व जलपात्र निर्धारित स्थान पर रखने की अपील की गई।
सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट के भंदहा कला प्रशिक्षण केंद्र की ओर से निकाली गई यह रैली कैथी गांव से होते हुए मंदिर परिसर तक पहुंची। रैली में शामिल बच्चों ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि जलाभिषेक के बाद मिट्टी या प्लास्टिक के पात्रों को अरघे में छोड़ना धार्मिक स्थल की स्वच्छता और पवित्रता दोनों के लिए उचित नहीं है।
रैली का संयोजन कर रहे अमित कुमार ने बताया कि मार्कंडेय महादेव धाम ऐसा प्रमुख देवालय बन गया है, जहां श्रद्धालु जलाभिषेक के बाद कुल्हड़ और प्लास्टिक पात्र अरघे में ही छोड़ देते हैं। इससे मंदिर परिसर में गंदगी फैलती है और गलत संदेश जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि उपयोग किए गए पात्रों को बाहर रखे गए सुरक्षित स्थान पर ही डालें।
रैली में शामिल छात्रा सेजल यादव ने कहा कि जब लोग धातु के पात्रों को वापस साथ ले जाते हैं, तो मिट्टी और प्लास्टिक के जलपात्रों को मंदिर परिसर में छोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग की अपील की।
जनचेतना रैली में अवनीश, सौरभ चंद्र, अमृता, सनी और अमित कुमार सहित कई लोग शामिल रहे।


