त्रिभुवन पाण्डेय हत्याकांड में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार
आजमगढ़ (जनवार्ता)। महराजगंज थाना क्षेत्र के चर्चित त्रिभुवन पाण्डेय हत्याकांड में पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।

पुलिस के अनुसार, 26 अक्टूबर 2025 को महराजगंज थाना क्षेत्र में त्रिभुवन पाण्डेय की हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य प्रमाणों के आधार पर यह तथ्य सामने आया कि जमीनी विवाद को लेकर हत्या की गई थी। जांच में रामभवन पाण्डेय, आदित्य पाण्डेय, दीनदयाल पाण्डेय तथा अमरनाथ यादव की संलिप्तता पाई गई, जिसके बाद उनके विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि आरोपी संगठित गिरोह के रूप में कार्य करते हुए आर्थिक एवं भौतिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से गंभीर अपराधों को अंजाम देते थे। उनके आपराधिक कृत्यों के कारण क्षेत्र में भय और आतंक का माहौल बना हुआ था। इसके आधार पर पुलिस ने गिरोह का गैंग चार्ट तैयार कर आवश्यक अनुमोदन प्राप्त किया और 2 जून 2026 को उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 के तहत गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया।
प्रभारी निरीक्षक अनुराग कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम आराजी जजमनजोत में दबिश दी। बुधवार तड़के करीब 4:50 बजे पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में वांछित अमरनाथ यादव, रामभवन पाण्डेय और आदित्य पाण्डेय को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से कोई अवैध वस्तु बरामद नहीं हुई।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अनुराग कुमार, उपनिरीक्षक अवधेश कुमार यादव, कांस्टेबल अजीत कुमार सिंह, कांस्टेबल अनिल कुमार तथा रिजर्व कांस्टेबल कुशल कुमार शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संगठित अपराध और अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

