मां बगलामुखी मंदिर के नाम पर साइबर ठगी, गुजरात के श्रद्धालु से 19 हजार रुपये की धोखाधड़ी
आगर मालवा (जनवार्ता)। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के नाम पर साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। उज्जैन के महाकाल मंदिर और दतिया की पीतांबरा पीठ के बाद अब आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर के नाम पर साइबर अपराधियों ने एक श्रद्धालु को अपना शिकार बनाया है। फर्जी वेबसाइट और मोबाइल नंबर के माध्यम से हवन-पूजन की बुकिंग के नाम पर गुजरात के एक श्रद्धालु से करीब 19 हजार रुपये की ठगी कर ली गई।

पुलिस के अनुसार गुजरात के बड़ोदरा निवासी सुनील शर्मा परिवार सहित मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन और हवन कराने की योजना बना रहे थे। उन्होंने इंटरनेट पर मंदिर की जानकारी खोजी, जहां उन्हें मंदिर के नाम से संचालित एक वेबसाइट लिंक और मोबाइल नंबर मिला। संपर्क करने पर कथित तौर पर हवन-पूजन की बुकिंग कराई गई और उनसे 18,799 रुपये ऑनलाइन जमा करा लिए गए।
नलखेड़ा पहुंचने पर जब सुनील शर्मा ने मंदिर समिति से अपनी बुकिंग की जानकारी ली तो उन्हें पता चला कि मंदिर प्रशासन की ओर से ऐसी कोई बुकिंग नहीं की गई है। जांच में सामने आया कि जिस वेबसाइट और नंबर के जरिए भुगतान कराया गया था, वह पूरी तरह फर्जी था। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थलों के नाम पर साइबर ठगी का यह कोई पहला मामला नहीं है।
इससे पहले दतिया स्थित पीतांबरा पीठ के नाम पर भी फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया पेज बनाकर श्रद्धालुओं से धन वसूली की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मई 2026 में विशेष पूजा, अमावस्या हवन और धार्मिक अनुष्ठानों की ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए थे।
एसडीओपी देवनारायण यादव ने बताया कि मां बगलामुखी मंदिर समिति की केवल एक अधिकृत वेबसाइट संचालित है, जिसके माध्यम से सिर्फ हवन कुंड की बुकिंग की जाती है। इसके लिए निर्धारित शुल्क 350 रुपये है। किसी विशेष पूजा या अनुष्ठान के नाम पर बड़ी राशि ऑनलाइन जमा कराने की कोई व्यवस्था नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार साइबर अपराधी लोगों की धार्मिक आस्था और विश्वास का लाभ उठाकर फर्जी वेबसाइट तैयार करते हैं तथा वीआईपी दर्शन, विशेष पूजा और हवन बुकिंग के नाम पर ठगी को अंजाम देते हैं।

