पंचर बनाने वाले के नाम पर 100 करोड़ का कारोबार! GST नोटिस मिलने से मचा हड़कंप
बहन की शादी के लिए लिया था 30 हजार का कर्ज, दस्तावेजों के दुरुपयोग से फर्जी कंपनी खोलने का आरोप
गोरखपुर (जनवार्ता)। जिले के रामपुर बुजुर्ग गांव में रहने वाले एक पंचर मिस्त्री को उस समय बड़ा झटका लगा जब केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग से उसे 100 करोड़ रुपये के कारोबार और 28 करोड़ रुपये के कर बकाये से संबंधित नोटिस प्राप्त हुआ। मामले में पीड़ित ने अपने दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी कंपनी स्थापित किए जाने का आरोप लगाया है और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।

जानकारी के अनुसार, राज प्रजापति नामक युवक वर्षों से पंचर बनाने का काम कर परिवार का भरण-पोषण करता है। फरवरी 2026 में वाराणसी CGST विभाग की जांच में ‘मेसर्स गड़जेट्रीक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी के माध्यम से लगभग 100 करोड़ रुपये के कारोबार और करीब 28 करोड़ रुपये के कर बकाये का मामला सामने आया। जांच के दौरान कंपनी के पते पर पहुंची टीम यह देखकर हैरान रह गई कि कथित कंपनी का मालिक बताई जा रही व्यक्ति एक साधारण पंचर की दुकान चलाता है।
पीड़ित राज प्रजापति का आरोप है कि वर्ष 2024 में बहन की शादी के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता होने पर उसने गांव के एक युवक से संपर्क किया था। युवक ने बैंक से ऋण दिलाने का आश्वासन देकर उसका आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज ले लिए। साथ ही कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर भी कराए गए। बाद में इन्हीं दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर उसके नाम से फर्जी कंपनी पंजीकृत करा दी गई और बैंक खाता भी खोल लिया गया।
मामले की जानकारी तब हुई जब 27 मई को CGST विभाग की ओर से राज प्रजापति को समन जारी कर पूछताछ के लिए वाराणसी स्थित कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया। नोटिस मिलने के बाद घबराए पीड़ित ने 30 मई को स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई और पूरे प्रकरण की जांच की मांग की।
पीड़ित के परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि राज प्रजापति की आर्थिक स्थिति बेहद सामान्य है तथा वह वर्षों से पंचर बनाने का कार्य कर रहा है। ग्रामीणों ने उसे निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक शिकायत में दस्तावेजों के दुरुपयोग कर फर्जी कंपनी बनाने और धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

