वाराणसी में 17 अवैध नशा मुक्ति केंद्र बेनकाब

वाराणसी में 17 अवैध नशा मुक्ति केंद्र बेनकाब

वाराणसी (जनवार्ता)। जिले में अवैध रूप से संचालित 17 नशा मुक्ति केंद्रों का खुलासा होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान विभाग की जांच में इन केंद्रों को निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित पाया गया है। आरोप है कि कई केंद्रों में मरीजों को बिना चिकित्सकीय जांच भर्ती किया जा रहा है, उन्हें जंजीरों से बांधकर रखा जाता है तथा मानसिक रोग विशेषज्ञ की निगरानी के बिना नारकोटिक दवाएं दी जा रही हैं।

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जिले में कुल 25 नशा मुक्ति केंद्र संचालित हैं, जिनमें से केवल दो केंद्रों को सरकारी मान्यता प्राप्त है। शेष 17 केंद्रों को अवैध घोषित करते हुए नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।


सारनाथ स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में बीएचयू छात्र आदित्य गोस्वामी की संदिग्ध मौत के बाद इन केंद्रों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। परिजनों ने पिटाई कर हत्या का आरोप लगाया था, जिसके बाद केंद्र संचालक समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थी।


स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई केंद्र मरीजों को लंबे समय तक भर्ती रखकर मनमाना शुल्क वसूलते हैं। जबरन रोककर रखने और मारपीट की शिकायतें भी सामने आई हैं। जांच में अधिकांश केंद्र मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम-2017 के तहत निर्धारित मानकों पर खरे नहीं पाए गए हैं।
मद्यनिषेध अधिकारी राकेश रोशन ने बताया कि जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। वहीं ड्रग इंस्पेक्टर चंद्रेश द्विवेदी ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रशासन ने सभी संदिग्ध केंद्रों की जांच के लिए समिति गठित करने की बात कही है।

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Shiv murti

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