अगस्त से शुरू हो सकता है वाराणसी रोपवे संचालन, किराया 10 से 50 रुपये तक निर्धारित
वाराणसी (जनवार्ता)। शहर की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देने वाली रोपवे परियोजना का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। एशिया की पहली शहरी सार्वजनिक परिवहन रोपवे सेवा के रूप में विकसित हो रही इस परियोजना का संचालन अगस्त से शुरू होने की संभावना है। इसके लिए उत्तर प्रदेश शासन ने किराया भी निर्धारित कर दिया है, जो आम यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रखा गया है।

वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के अनुसार रोपवे का न्यूनतम किराया 10 रुपये और अधिकतम किराया 50 रुपये प्रति यात्री तय किया गया है। कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक की पूरी यात्रा के लिए 50 रुपये देने होंगे, जबकि कैंट, विद्यापीठ, रथयात्रा और गोदौलिया चौक स्टेशनों के बीच छोटी दूरी की यात्रा 10 रुपये से शुरू होगी। विद्यापीठ से रथयात्रा तक का किराया 8 रुपये निर्धारित किया गया है।
स्थानीय नागरिकों और नियमित यात्रियों को ‘काशी स्मार्ट पास’ के माध्यम से किराये में 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। वहीं निर्धारित किराया दरों में प्रत्येक वर्ष एक अप्रैल से पांच प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान भी रखा गया है।
यात्रियों की सुविधा के लिए रोपवे स्टेशनों पर क्लॉक रूम की व्यवस्था भी होगी। टिकटधारकों को शुरुआती दो घंटे तक सामान रखने की सुविधा निशुल्क मिलेगी। इसके बाद 15 किलोग्राम तक के सामान पर 50 रुपये प्रति घंटा शुल्क लिया जाएगा।
पर्यटकों और समूह यात्राओं के लिए प्रीमियम गोंडोला सेवा भी उपलब्ध होगी। प्रीमियम गोंडोला का किराया 2000 रुपये प्रति यात्रा निर्धारित किया गया है, जबकि किसी संस्था या समूह द्वारा अग्रिम बुकिंग कराने पर प्रति गोंडोला 1200 रुपये शुल्क देना होगा।
वीडीए के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि कैंट रेलवे स्टेशन, विद्यापीठ और रथयात्रा के रोपवे स्टेशन लगभग तैयार हो चुके हैं। गोदौलिया स्टेशन का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है। परियोजना पूरी होने के बाद यह रोपवे शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने और यात्रियों को तेज, सुरक्षित एवं सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका

