दरभंगा में इलेक्ट्रिक बसों की तैयारी तेज, जुलाई अंत तक शुरू होगा चार्जिंग स्टेशन
दरभंगा (जनवार्ता)। जिले में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। कादिराबाद सरकारी बस स्टैंड में लगभग 3.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रहा इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन जुलाई माह के अंत तक चालू होने की संभावना है। इसके साथ ही जिले में निर्माणाधीन 10 नए बिजली उपकेंद्रों का कार्य भी तेजी से चल रहा है।

बिजली विभाग के अनुसार कादिराबाद चार्जिंग स्टेशन का फाउंडेशन कार्य पूरा हो चुका है, जबकि स्विच रूम का निर्माण अंतिम चरण में है। यह स्टेशन प्रारंभिक चरण में केवल सरकारी इलेक्ट्रिक बसों के लिए उपयोग किया जाएगा। बताया जा रहा है कि जल्द ही बिहार में 50 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी, जिनके संचालन में यह स्टेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से वायु एवं ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी। साथ ही यात्रियों को अधिक आरामदायक और पर्यावरण अनुकूल यात्रा सुविधा उपलब्ध होगी। परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि ई-बसें संचालन लागत कम करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक सिद्ध होंगी।
चार्जिंग स्टेशन को कादिराबाद फ्लोटिंग पावर प्लांट स्थित 33 केवी उपकेंद्र से जोड़ा जाएगा, जिससे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। वहीं जिले में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न प्रखंडों में नए उपकेंद्रों का निर्माण भी जारी है।
तारडीह प्रखंड के महिया गांव में बने नए उपकेंद्र का उद्घाटन हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्चुअल माध्यम से किया था। इसके अलावा बेनीपुर, मनीगाछी, बहादुरपुर, सदर, जाले तथा अन्य क्षेत्रों में उपकेंद्र निर्माण कार्य प्रगति पर है।
बिजली विभाग के अनुसार सोनकी उपकेंद्र अगस्त, भुसकौल एवं नैनाघाट उपकेंद्र सितंबर तथा दिल्ली मोड़ और रामनगर उपकेंद्र अक्टूबर तक चालू हो सकते हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में लो वोल्टेज, ओवरलोडिंग और बार-बार बिजली कटौती जैसी समस्याओं से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
अधीक्षण अभियंता अजय कुमार ने बताया कि कादिराबाद चार्जिंग स्टेशन और अन्य विद्युत परियोजनाओं का निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

