सीएम योगी ने स्वच्छ और हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का किया सम्मान, बच्चों का बढ़ाया उत्साह
वाराणसी (जनवार्ता)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को स्वच्छ एवं हरित विद्यालय योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के 12 प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना के तहत 15 लाभार्थियों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी वितरित किए।


कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने परिषदीय विद्यालयों के बच्चों द्वारा तैयार किए गए विज्ञान एवं शैक्षिक मॉडलों का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों से उनका नाम, कक्षा और मॉडल के बारे में जानकारी ली तथा उनके प्रयासों की सराहना करते हुए चॉकलेट भी वितरित की। दिव्यांग बच्चों का भी उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि निपुण भारत अभियान के तहत छोटे बच्चों में भाषा और गणित की बेहतर समझ विकसित हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमता के अनुरूप दक्ष और आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग तथा भारतीय स्टेट बैंक के बीच सामाजिक सुरक्षा से संबंधित एमओयू का आदान-प्रदान भी हुआ।
मुख्यमंत्री ने संभल, पीलीभीत, चित्रकूट, बरेली, बदायूं, रायबरेली, सहारनपुर, श्रावस्ती, जालौन, प्रयागराज, वाराणसी और मेरठ के चयनित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किया। वाराणसी के जवाहर नवोदय विद्यालय, गजोखर के प्रधानाचार्य नागेश कुमार मिश्र भी सम्मानित होने वालों में शामिल रहे।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना के अंतर्गत बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 15 लाभार्थियों को चिकित्सा कार्ड प्रदान किए। वाराणसी के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षामित्र, रसोइया एवं शिक्षण कर्मियों के साथ-साथ एक शिक्षक नरेंद्र कुमार मौर्य के परिवार के चार सदस्यों को भी प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा कार्ड सौंपे गए।

