वाराणसी: सीएचसी में खुले में प्रसव, नवजात की मौत; जांच शुरू

वाराणसी: सीएचसी में खुले में प्रसव, नवजात की मौत; जांच शुरू

वाराणसी (जनवार्ता)। बड़ागांव ब्लॉक के विरांवकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अस्पताल परिसर में खुले आसमान के नीचे प्रसव कराने का मामला सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सीएमओ ने जांच के आदेश दिए हैं।

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जानकारी के अनुसार, सियरहा बनवासी बस्ती निवासी 38 वर्षीय सविता को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सीएचसी लेकर पहुंचे। आशा कार्यकर्ता के मुताबिक महिला लेबर रूम में जाने के बजाय बार-बार बाहर चली जा रही थी। इसी दौरान प्रसव पीड़ा बढ़ने पर ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स ने अस्पताल परिसर में ही प्रसव कराया।
परिजनों का आरोप है कि प्रसव के पांच दिन बाद नवजात की मौत हो गई। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि प्रसव के समय मां और बच्चा दोनों स्वस्थ थे।


स्वास्थ्य विभाग के अनुसार महिला का यह नौवां प्रसव था, जिसे हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की श्रेणी में माना जाता है। ऐसे मामलों में उच्च स्तरीय अस्पताल में प्रसव कराया जाना चाहिए। साथ ही प्रसव के कुछ घंटे बाद ही महिला को छुट्टी दिए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं।


सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं चिकित्सा अधीक्षक का कहना है कि महिला लेबर रूम में जाने को तैयार नहीं थी, इसलिए परिस्थितिवश खुले परिसर में प्रसव कराना पड़ा।

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Shiv murti

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