12 दिन तक घायल नंदी की नहीं ली सुध, गौ रक्षा वाहिनी ने पहुंचाया सुरक्षित आश्रय केंद्र
वाराणसी । कछवा मोड़ के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग की दोनों लेन के बीच बने पार्क में करीब 12 दिनों से घायल अवस्था में पड़े नंदी को आखिरकार राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी की टीम ने खोजकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। अज्ञात वाहन की टक्कर से नंदी का पैर फैक्चर हो गया था और वह दर्द से कराहते हुए मदद की बाट जोह रहे थे। टीम ने उनका उपचार कराने के बाद बुधवार को पशु आश्रय केंद्र में दाखिल कराया।


बताया गया कि सावन माह के चलते इस मार्ग पर 24 घंटे बड़ी संख्या में कांवरियों का आवागमन हो रहा है। ऐसे में सड़क के बीच पार्क में घायल नंदी का पड़े रहना हादसे का कारण भी बन सकता था। क्षेत्र के पशु प्रेमी श्याम उपाध्याय ने नंदी की स्थिति की जानकारी राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी के जिलाध्यक्ष जहीर बाबा को दी।

जहीर बाबा ने नंदी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर उपचार कराने के लिए नगर निगम के अधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारी और जिलाधिकारी तक से आग्रह किया। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी। 11 अगस्त को ‘जनवार्ता’ में भी इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। इसके बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन घायल नंदी को तलाशने के बजाय अन्य पशुओं का उपचार कर उनकी फोटो भेजकर कार्रवाई पूरी कर दी।
लगातार सूचना दिए जाने के बावजूद जब जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से घायल नंदी को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हुई तो राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी के जिलाध्यक्ष जहीर बाबा ने स्वयं मामले का संज्ञान लिया। मंगलवार को टीम के साथ मौके पर पहुंचकर घायल नंदी को खोज निकाला गया। टीम ने उसका दवा-उपचार कराया और बुधवार को उसे पशु आश्रय केंद्र पहुंचाकर उचित देखभाल की व्यवस्था कराई।
राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी की इस पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना की। लोगों का कहना है कि घायल नंदी को समय रहते सुरक्षित स्थान और उपचार मिलने से उसे राहत मिली है। टीम ने पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी निभाते हुए एक मिसाल पेश की।

