चुनाव से पहले अजय राय को हटाना कांग्रेस के लिए ठीक नहीं : डॉ. अशोक सिंह
रीता बहुगुणा जोशी के बाद अजय राय ने प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए किया लगातार काम
वाराणसी (जनवार्ता)। शहर के जाने-माने शिक्षाविद, जीवनदीप शिक्षण समूह के अध्यक्ष एवं सिंह मेडिकल एंड रिसर्च सेंटर के प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से अजय राय को हटाए जाने पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि रीता बहुगुणा जोशी के बाद अजय राय ने कांग्रेस के लिए सबसे अधिक काम किया। वह गाजीपुर से गाजियाबाद तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए लगातार दौड़ते रहे। ऐसे में चुनाव से पहले उन्हें पद से हटाना उचित नहीं था। चुनाव के बाद पार्टी नेतृत्व बदलाव पर विचार कर सकता था।

डॉ. अशोक सिंह पूर्व में वाराणसी में कांग्रेस के टिकट पर महापौर का चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़-दो वर्षों से प्रदेश में यह चर्चा की जा रही है कि ब्राह्मण समाज मौजूदा सरकार से नाराज है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि ब्राह्मण नाराज हैं तो उनके सामने राजनीतिक विकल्प क्या है?
उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती भी ब्राह्मण और दलित समाज के एकजुट होने की संभावनाओं पर काम कर रही हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी ब्राह्मण समाज को अपने साथ जोड़ने के प्रयास में जुटे हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस ने भी सभी राजनीतिक विकल्पों को आजमाने के बाद ब्राह्मण नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई है।
डॉ. सिंह ने कहा कि कांग्रेस की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी के परिवार से आती हैं। पार्टी में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। हालांकि, उनकी नियुक्ति से कांग्रेस को कितना राजनीतिक लाभ मिलेगा, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।
उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज की राजनीतिक भूमिका को लेकर विभिन्न दल अपनी-अपनी रणनीति बना रहे हैं, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि ब्राह्मण समाज भाजपा छोड़कर किसी अन्य दल की ओर जाएगा।

