गंगा का रौद्र रूप: शीतला घाट मंदिर डूबा, घाटों पर बढ़ी चौकसी
वाराणसी (जनवार्ता)। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने काशी के घाटों पर चिंता बढ़ा दी है। तेज बहाव के बीच शीतला घाट स्थित मंदिर पूरी तरह जलमग्न हो गया है, जबकि प्रयागराज घाट के मंदिर तक भी गंगा का पानी पहुंच गया है। सावन माह में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गुरुवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 68.35 मीटर दर्ज किया गया, जो फिलहाल स्थिर बना हुआ है। हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से करीब तीन मीटर नीचे बह रही है, लेकिन तेज धारा और बढ़ते पानी ने घाटों पर सतर्कता बढ़ा दी है।
जल पुलिस प्रभारी सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें 24 घंटे निगरानी और पेट्रोलिंग कर रही हैं। श्रद्धालुओं से गहरे पानी में न जाने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ने लगी है। कई परिवार एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
संभावित जलभराव और आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव संसाधनों को तैयार रखा गया है। संबंधित विभागों को लगातार स्थिति पर नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।


