आरपीएफ की तत्परता से वृद्ध महिला मिली परिजनों से
यात्री का 9.80 लाख का सामान सुरक्षित लौटा
वाराणसी (जनवार्ता)। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में रेलवे सुरक्षा बल की तत्परता और संवेदनशीलता से एक वृद्ध महिला को उनके परिजनों से मिलाया गया। वहीं दूसरे मामले में ट्रेन में छूटे यात्री के करीब 9.80 लाख रुपये कीमत के सामान को सुरक्षित बरामद कर उसके मालिक को सौंप दिया गया।


मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देश और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पंकज चुघ के नेतृत्व में रेलवे सुरक्षा बल यात्रियों की सुरक्षा और उनके सामान की सुरक्षा के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
रेल मदद से मिली सूचना, वृद्ध महिला को परिजनों से मिलाया
सात सितंबर को रेल मदद के माध्यम से सूचना मिली कि ट्रेन संख्या 15084 के बी-2 कोच में यात्रा कर रही एक वृद्ध महिला अपने परिजनों से बिछड़ गई हैं। सूचना मिलते ही आरपीएफ के आरक्षक पुरेन्द्र राम ने रसड़ा स्टेशन पर खोजबीन शुरू की। करीब सुबह 6:50 बजे वृद्ध महिला तेतरा देवी (72) को प्लेटफार्म संख्या एक पर आरक्षण केंद्र के पास सुरक्षित खोज लिया गया।
फोटो से पहचान की पुष्टि के बाद उन्हें आरपीएफ चौकी रसड़ा में सुरक्षित बैठाया गया और उनके परिजनों को सूचना दी गई। करीब सुबह 9:30 बजे उनके पुत्र सुरेंद्रनाथ सिंह, निवासी झरकटहा, थाना रेवती, जिला बलिया, चौकी पहुंचे। आवश्यक सत्यापन और कार्रवाई के बाद तेतरा देवी को उनके पुत्र के सुपुर्द कर दिया गया। मां-बेटे के पुनर्मिलन पर दोनों ने प्रसन्नता जताई और परिजनों ने रेलवे सुरक्षा बल के प्रति आभार व्यक्त किया।
औड़िहार में यात्री का छूटा सामान सुरक्षित बरामद
एक अन्य मामले में ट्रेन संख्या 09466 के एस कोच में यात्री का सामान छूटने की सूचना मिली। सूचना पर आरपीएफ की आरक्षक साधना सिंह ने औड़िहार स्टेशन पर ट्रेन से एक हरे रंग का ट्रॉली बैग और एक कपड़े का झोला उतारकर आरपीएफ चौकी पर सुरक्षित जमा कराया।
सामान के मालिक राजेन्द्र राम (69), निवासी खेताबपुर, थाना कासिमाबाद, जिला गाजीपुर, के चौकी पहुंचने पर आधार कार्ड और यात्रा टिकट के माध्यम से उनकी पहचान की पुष्टि की गई। सामान की जांच में कपड़ों और खाद्य सामग्री के अलावा दो पीली धातु के मंगलसूत्र, एक जोड़ी झुमका, एक जोड़ी चांदी की पायल, बिछिया, चाबियों का गुच्छा और 17 हजार रुपये नकद मिले। यात्री ने सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 9.80 लाख रुपये बताई।
सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सहायक उप निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने सात सितंबर को शाम 3:30 बजे फर्द सुपुर्दनामा के माध्यम से सामान राजेन्द्र राम को सही-सलामत वापस कर दिया।

