यमुना एक्सप्रेसवे : स्लीपर बस में भीषण आग, नौ यात्री जिंदा जले
खिड़कियों से कूदकर कई यात्रियों ने बचाई जान
ग्रेटर नोएडा (जनवार्ता)। यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक चलती स्लीपर एसी बस में भीषण आग लगने से नौ यात्रियों की जलकर मौत हो गई। हादसा जेवर थाना क्षेत्र में दयानतपुर गांव के पास हुआ। बस दिल्ली से महोबा जा रही थी और उसमें करीब 35 से 50 यात्री सवार बताए गए हैं। आग लगने के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई।

जानकारी के अनुसार, बस संख्या BR32 PA8647 रात करीब 11 से 12 बजे के बीच यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट से करीब 32 किलोमीटर आगे पहुंची थी। इसी दौरान चालक की सीट के पास से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते बस आग की लपटों में घिर गई। चालक ने बस को एक्सप्रेसवे के किनारे रोक दिया, लेकिन तब तक बस के अंदर धुआं तेजी से भर चुका था।
धुआं भरने के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। नींद में सो रहे यात्रियों को जब तक घटना का पता चला, तब तक आग तेजी से फैल चुकी थी। बाहर निकलने के लिए यात्रियों में भगदड़ मच गई। कई लोगों ने खिड़कियों से छलांग लगाकर जान बचाई, जबकि कुछ यात्री बस के अंदर ही फंस गए।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद बस को ठंडा कर अंदर फंसे यात्रियों की तलाश और बचाव अभियान चलाया गया। हादसे में नौ यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है। कई घायलों को उपचार के लिए कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया।
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर राजीव नारायण मिश्रा के अनुसार, आग लगने के बाद यात्रियों में भगदड़ मच गई और कई लोगों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों से छलांग लगाई। पुलिस ने बस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है और आग की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। शुरुआती जांच में बस के फिटनेस और परमिट समेत जरूरी दस्तावेज वैध पाए जाने की बात सामने आई है।
हादसे के बाद बचे यात्रियों को वैकल्पिक वाहनों से उनके गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था की गई। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेजी से पूरा करने को कहा गया है।

