गति सीमा और चेतावनी संकेत नदारद, रात में जानलेवा बना रॉबर्ट्सगंज-खलियारी मार्ग
रॉबर्ट्सगंज-खलियारी मार्ग पर 40 किलोमीटर तक सुरक्षा व्यवस्था बदहाल, रात में सफर बना जोखिम भरा
सोनभद्र (जनवार्ता)। रॉबर्ट्सगंज-खलियारी मार्ग पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। करीब 40 किलोमीटर लंबे मार्ग पर कई अंधे और खतरनाक मोड़ हैं, लेकिन वहां “धीमी गति से चलें”, “गति सीमा”, “खतरनाक मोड़” समेत अन्य आवश्यक चेतावनी और सांकेतिक चिन्ह पर्याप्त संख्या में नहीं हैं। रात के समय प्रकाश व्यवस्था का अभाव भी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रहा है।
मार्ग के कई हिस्सों में सड़क किनारे लगे सांकेतिक चिन्ह घास-फूस के बीच छिप गए हैं, जबकि कई स्थानों से संकेतक पूरी तरह गायब हैं। इससे वाहन चालकों को मोड़, सड़क की दिशा और संभावित खतरे की जानकारी समय रहते नहीं मिल पाती। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ स्थानों पर सांकेतिक चिन्हों को असामाजिक तत्वों द्वारा उखाड़कर ले जाने की बात भी सामने आई है।
रात में स्थिति और गंभीर हो जाती है। अंधे मोड़ों पर पर्याप्त चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर और प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से सामने से आने वाले वाहन का अंदाजा लगाने में परेशानी होती है। ऐसे स्थानों पर “धीमी गति से चलें” और निर्धारित गति सीमा के स्पष्ट बोर्ड तथा मोड़ से पहले चेतावनी संकेत लगाए जाने की जरूरत है।
मझिगांव मिश्र निवासी विनय मिश्रा ने बताया कि रॉबर्ट्सगंज-खलियारी मार्ग पर लगातार हादसे हो रहे हैं। सड़क किनारे कई स्थानों पर गिट्टी, बालू और अन्य निर्माण सामग्री भी पड़ी रहती है। अंधेरा, अंधे मोड़ और संकेतकों की कमी दुर्घटना का जोखिम और बढ़ा देती है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर अंधे मोड़ों पर चेतावनी संकेत, गति सीमा बोर्ड, रिफ्लेक्टर और आवश्यक प्रकाश व्यवस्था कराने की मांग की है। साथ ही घास-फूस हटाकर क्षतिग्रस्त अथवा गायब सांकेतिक चिन्हों को तत्काल पुनः स्थापित करने की मांग उठाई है।


