सहारनपुर : अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में करते थे आपूर्ति, 425 कारतूस समेत कई असलहे बरामद
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश एसटीएफ की मेरठ फील्ड इकाई ने सहारनपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से पंप एक्शन गन, दो बारह बोर की बंदूकें, एक .315 बोर की बंदूक, तीन एयरगन, एक तलवार, बारह बोर के 425 जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और काले रंग की एक स्कॉर्पियो बरामद की है।


एसटीएफ के प्रेस नोट के अनुसार, आरोपितों को एक अक्टूबर 2026 को शाम करीब 6:40 बजे बिजलीघर तिराहे से शेरपुर पेलो जाने वाले मार्ग पर रजवाहे की पुलिया के पास आम के बाग से गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ को सूचना मिली थी कि स्कॉर्पियो सवार कुछ लोग अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के लिए वहां मौजूद हैं।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान असद पुत्र शोएब खान, इक़राम पुत्र सुल्तान और दानिश पुत्र असलम खान के रूप में हुई है। तीनों सहारनपुर जिले के निवासी हैं।
अमृतसर से खरीदकर पश्चिमी यूपी में करते थे सप्लाई
एसटीएफ की पूछताछ के मुताबिक, आरोपित अमृतसर स्थित मरहट्टा गन हाउस से हथियार और कारतूस खरीदकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आपूर्ति करते थे। प्रेस नोट में बताया गया है कि वे वहां से करीब 30 से 40 हजार रुपये में बंदूक खरीदते थे और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उन्हें 80 हजार से एक लाख रुपये तक में बेचते थे। गिरोह पिछले करीब दो वर्षों से इस गतिविधि में शामिल बताया गया है।
एसटीएफ के अनुसार, असद कथित तौर पर गिरोह का मुख्य सदस्य है। दानिश उसकी स्कॉर्पियो चलाता था, जबकि इक़राम उसके यहां नौकरी करता था। पूछताछ में शामली, सहारनपुर और आसपास के जिलों में पहले भी अवैध हथियारों की आपूर्ति किए जाने की जानकारी सामने आने की बात कही गई है।
पहले भी हुई थी कार्रवाई
प्रेस नोट के मुताबिक, एसटीएफ इससे पहले भी मरहट्टा गन हाउस, अमृतसर से अवैध हथियार खरीदकर तस्करी करने के मामले में कार्रवाई कर चुकी है। इस सिलसिले में अनिल बालियान उर्फ अनिल बंजी को 20 दिसंबर 2024 और गन हाउस के मालिक शेजपाल सिंह को 5 मार्च 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
तीनों आरोपितों के खिलाफ मिर्जापुर थाने में मुकदमा संख्या 318/2026 दर्ज किया गया है। मामले में शस्त्र अधिनियम की धाराओं 3, 4, 5, 25 और 25(8) तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जाएगी।

