मानस रत्न डॉ. श्रीनाथ मिश्र की हीरक जयंती पर विद्वत संगोष्ठी
वाराणसी (जनवार्ता)। रवींद्रपुरी स्थित श्रीनाथ भक्ति संस्थान के सभागार में रविवार को काशी विद्वत परिषद न्यास के तत्वावधान में मानस रत्न डॉ. श्रीनाथ मिश्र की हीरक जयंती पर विद्वत संगोष्ठी आयोजित हुई। इसमें देशभर के विद्वानों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान ब्रह्मचारी शंभूप्रेमानंद महाराज ने कहा कि गुरु और गौमाता के प्रति निष्ठा ही डॉ. मिश्र को सच्ची श्रद्धांजलि होगी और धर्म और राष्ट्र के समक्ष चुनौतियों से निपटने के लिए सनातन धर्मावलंबियों को एकजुट होना होगा। जबकि प्रो. शैलेश तिवारी ने मानस साहित्य में उनके योगदान को अतुलनीय बताते हुए विजया टीका को महत्वपूर्ण कृति बताया। प्रो. कमलाकांत त्रिपाठी ने कहा कि संस्कृत शास्त्रों के ज्ञान के बिना मानस का मर्म समझना कठिन है। जहाँ अध्यक्ष परमेश्वर दत्त शुक्ल ने कहा कि अपार ज्ञान के बावजूद डॉ. मिश्र अहंकार से दूर रहे।


इस संगोष्ठी में उनके पुत्र सुरेंद्र नाथ मिश्र, सहित परिवार का सम्मान किया गया। इस अवसर पर ब्रम्हचारी परमात्मानंद, डॉ गिरीश तिवारी,शंकराचार्य महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय,पुरन्दर व्यास,राघवेंद्र पाण्डेय,रामकृष्ण तिवारी सहित अन्य लोग शामिल रहे।

