मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर अधिवक्ताओं का प्रदर्शन
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग
वाराणसी (जनवार्ता)। निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर बुधवार को अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी पोर्टिको के पास प्रदर्शन किया। अधिवक्ता विनोद शुक्ला के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में वकीलों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद शुक्ला ने आरोप लगाया कि देशभर में करीब 13.5 करोड़ वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की। अधिवक्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से भी सवाल किया कि यदि इतने लोग वैध मतदाता थे तो किस प्रक्रिया के तहत उनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए।
अधिवक्ताओं ने नई दिल्ली में संसद से निर्वाचन सदन तक हुए विरोध मार्च और कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों का भी समर्थन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से जारी रखा जाएगा। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

