SIR के विरोध में सीपीआईएम का प्रदर्शन, मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की मांग
सोनभद्र। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर देशभर में चल रहे विवाद के बीच सीपीआईएम ने गुरुवार को सोनभद्र में प्रदर्शन कर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने तथा निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता कायम करने की मांग उठाई।


सीपीआईएम के जिला मंत्री नन्दलाल आर्य ने कहा कि 23 सितंबर को प्रकाशित इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में निर्वाचन आयोग के भीतर एसआईआर सहित मतदाता सूची से जुड़े विभिन्न निर्णयों पर दो निर्वाचन आयुक्तों द्वारा आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि इससे निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों द्वारा पहले से उठाई जा रही चिंताओं को बल मिला है।
उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर सीपीआईएम और इंडिया गठबंधन के आह्वान पर देशभर में विरोध प्रदर्शन किया गया। सोनभद्र में कार्यकर्ताओं ने रॉबर्ट्सगंज के बढ़ौली चौक से प्रदर्शन शुरू किया और तहसील परिसर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद कार्यक्रम का समापन किया।
आर्य ने कहा कि पार्टी की मांग है कि एसआईआर के दौरान गलत तरीके से हटाए गए मतदाताओं के नाम पुनः मतदाता सूची में शामिल किए जाएं और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
प्रदर्शन में किसान सभा के जिला संयोजक प्रेमनाथ, खेत मजदूर यूनियन के अध्यक्ष पुरुषोत्तम, श्याम नारायण सिंह, बच्चा लाल, राजबली, हनुमान प्रसाद, सत्येंद्र जायसवाल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गौरतलब है कि इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दो निर्वाचन आयुक्तों द्वारा कई फैसलों पर आपत्ति दर्ज किए जाने का उल्लेख किया गया था। हालांकि निर्वाचन आयोग ने इन खबरों के बाद कहा था कि अंतिम निर्णय तीनों निर्वाचन आयुक्तों की सहमति से लिए गए और अलग-अलग राय प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती हैं।

