वाराणसी: बरेका में सत्यनिष्ठा से समृद्धि पर सेमिनार
ईमानदारी को कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाने पर जोर
वाराणसी (जनवार्ता)। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 के अंतर्गत बुधवार को प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र (टीटीसी) के सभागार में ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ विषय पर प्रेरणादायी सेमिनार का आयोजन किया गया। महाप्रबंधक आशुतोष पंत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं प्रख्यात शिक्षाविद् प्रो. मुकुल राज मेहता मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने ईमानदारी, नैतिक मूल्यों और पारदर्शिता को व्यक्ति, संस्था और समाज की प्रगति का आधार बताया।


कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता तथा जवाबदेही के प्रति जागरूक करते हुए भ्रष्टाचार मुक्त कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत और सम्मान के साथ हुआ। दीप प्रज्ज्वलन के बाद मुख्य सतर्कता अधिकारी अंकुर चंद्रा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सतर्कता जागरूकता सप्ताह की प्रासंगिकता, उद्देश्यों और जनभागीदारी की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए दैनिक जीवन और कार्यव्यवहार में ईमानदारी अपनाने का आह्वान किया।

मुख्य वक्ता प्रो. मुकुल राज मेहता ने कहा कि सत्यनिष्ठा केवल व्यक्तिगत गुण नहीं, बल्कि व्यक्ति, संस्था और समाज के चरित्र को निर्धारित करने वाला महत्वपूर्ण मूल्य है। ईमानदारी, निष्पक्षता और पारदर्शिता से आपसी विश्वास मजबूत होता है तथा संस्थानों में विश्वसनीयता और जवाबदेही विकसित होती है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्त करने के साथ उसे हासिल करने का तरीका भी नैतिक होना चाहिए। मन, वचन और कर्म में एकरूपता ही वास्तविक सत्यनिष्ठा है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और मीडिया जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नैतिक मूल्यों की अनिवार्यता पर जोर देते हुए प्रो. मेहता ने कहा कि प्रतिभा और नैतिकता का संगम ही राष्ट्र को सशक्त बनाता है। उन्होंने परिवार को नैतिक संस्कारों के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि बच्चों में ईमानदारी और अच्छे आचरण के संस्कार बचपन से ही विकसित किए जाने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से बदलाव की शुरुआत स्वयं से करने तथा अपने आचरण का निरंतर आत्ममूल्यांकन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ईमानदारी कमजोरी नहीं, बल्कि चरित्र की सबसे बड़ी ताकत है।
महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी के दैनिक जीवन और कार्यप्रणाली में अपनाया जाने वाला संकल्प है। किसी भी संस्थान की प्रतिष्ठा और सफलता उसके कर्मचारियों की ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और नैतिक आचरण पर निर्भर करती है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने दायित्वों का निर्वहन निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों का पालन केवल नियमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें कार्यसंस्कृति का स्वाभाविक हिस्सा बनाना आवश्यक है।
महाप्रबंधक ने कर्मचारियों को अपनी कार्यक्षमता और कौशल में निरंतर सुधार करते हुए ईमानदारी को व्यवहार में उतारने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से बरेका में पारदर्शी, उत्तरदायी और भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण को और मजबूत बनाया जा सकता है।
सतर्कता जागरूकता अभियान-2026 के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सेमिनार के दौरान पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर बरेका की सांस्कृतिक टीम ने मुकेश दुबे के निर्देशन में नाटक का मंचन कर ईमानदार आचरण, नैतिक जिम्मेदारी और सतर्कता का संदेश दिया। नाटक के माध्यम से बताया गया कि भ्रष्टाचार मुक्त समाज और संस्थान के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के अंत में महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने प्रो. मुकुल राज मेहता को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उप मुख्य सतर्कता अधिकारी नीरज सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर मनीष कुमार, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आलोक अग्रवाल, प्रधान वित्त सलाहकार मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य इंजीनियर राम जन्म, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी लालजी चौधरी, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार, महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त देवराज कुमार मौर्य, उप महाप्रबंधक सागर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और कर्मचारी परिषद के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

