काशी में देश का पहला अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे शुरू होने की तैयारी, 45 मिनट का सफर 16 मिनट में होगा पूरा
वाराणसी (जनवार्ता)। काशी में सार्वजनिक परिवहन की दिशा में एक नई पहल होने जा रही है। करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से तैयार देश का पहला अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे आम जनता के लिए शुरू होने की तैयारी में है। इसके नवंबर 2026 में देव दीपावली के आसपास शुरू होने की संभावना है। रोपवे सेवा शुरू होने से वाराणसी कैंट से गोदौलिया तक का सफर, जिसमें सड़क मार्ग से करीब 45 मिनट लगते हैं, महज 16 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।

करीब 3.85 किलोमीटर लंबे इस रोपवे कॉरिडोर में पांच स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें वाराणसी कैंट, काशी विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर और गोदौलिया चौक शामिल हैं। वाराणसी विकास प्राधिकरण के अनुसार, इस परियोजना से शहर के व्यस्त इलाकों में सड़क यातायात का दबाव करीब 40 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है। रोपवे से प्रतिदिन लगभग 96 हजार यात्रियों के आवागमन का लक्ष्य रखा गया है।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किराया भी निर्धारित किया गया है। कैंट से काशी विद्यापीठ तक का न्यूनतम किराया 10 रुपये, जबकि कैंट से गोदौलिया तक का किराया 50 रुपये बताया गया है। वातानुकूलित केबिन के माध्यम से यात्री कम समय में सुरक्षित और आरामदायक सफर कर सकेंगे।
रोपवे को आधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसके संचालन और निगरानी के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाला कंट्रोल सेंटर बनाया गया है। परियोजना का उद्देश्य शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने के साथ ही स्थानीय लोगों और काशी आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
इस परियोजना के शुरू होने के बाद वाराणसी सार्वजनिक परिवहन के रूप में अर्बन रोपवे संचालित करने वाले दुनिया के चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा। इससे काशी को शहरी परिवहन के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

