बीएचयू पत्रकारिता विभाग में राष्ट्रीय एकता दिवस पर संगोष्ठी

बीएचयू पत्रकारिता विभाग में राष्ट्रीय एकता दिवस पर संगोष्ठी

क्विज और डिबेट के विजेता सम्मानित

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के पत्रकारिता विभाग में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस पर संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्विज और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। साथ ही प्रतियोगिताओं में शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

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प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में आनंद गुप्ता ने प्रथम, अथर्व सिंह ने द्वितीय और आदर्श सांकृत्य ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं वाद-विवाद प्रतियोगिता में अंजलि सिंह प्रथम, कनिष्का तोमर द्वितीय और पुलकित गौतम तृतीय स्थान पर रहे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. ज्ञान प्रकाश मिश्र ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने विविधता में एकता को राष्ट्र निर्माण का आधार बनाया। युवा पीढ़ी को उनके संघर्ष, संयम और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेकर सामाजिक सद्भाव एवं राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो देश अपनी एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखता है, वह विश्व के मानचित्र पर अपनी अमिट पहचान बनाए रखता है। भारतीय संस्कृति और सभ्यता का अध्ययन प्रत्येक युवा को करना चाहिए।

डॉ. प्रशांत राय ने कहा कि एकता केवल भौगोलिक अखंडता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विचारों, संस्कृतियों और नागरिक कर्तव्यों का साझा संकल्प है। सरदार पटेल की दूरदर्शिता हमें सिखाती है कि राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता में निहित है।

भाष्करादित्य त्रिपाठी ने कहा कि सरदार पटेल ने सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर आधुनिक भारत की राजनीतिक एकता की नींव रखी। उनके योगदान को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब सभी नागरिक आपसी संवाद, सद्भाव और संविधान के मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे।

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कृति मिश्र ने कहा कि क्विज और डिबेट जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को ज्ञान एवं अभिव्यक्ति का अवसर देने के साथ ही संवाद, सहिष्णुता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करती हैं। यही भावनाएं राष्ट्रीय एकता की मजबूत नींव हैं।

इस अवसर पर पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश मिश्र, डॉ. प्रशांत राय, भाष्करादित्य त्रिपाठी और कृति मिश्र ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन यशवर्धन तोमर ने किया।

उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और एकजुटता के प्रति नागरिकों की प्रतिबद्धता को मजबूत करना है।

Shiv murti

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