पटना में सफाई व्यवस्था पर संकट, 21 मई को 8000 सफाईकर्मी करेंगे हड़ताल
पटना (जनवार्ता)। राजधानी पटना में सफाई व्यवस्था पर बड़ा संकट मंडराने लगा है। पटना नगर निगम के करीब 8000 सफाईकर्मियों ने 21 मई को एक दिवसीय हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद शहर में कचरे के ढेर लगने और सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाने की आशंका बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार, हड़ताल में सफाईकर्मी, मजदूर, ड्राइवर और स्वीपर शामिल रहेंगे। ऐसे में शहर की सड़कों, बाजारों और गली-मोहल्लों से कचरा उठाव प्रभावित हो सकता है। खास बात यह है कि यह हड़ताल ऐसे समय में होने जा रही है जब शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान चल रहा है।
कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से वेतन, पेंशन और बकाया भुगतान की मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के प्रवक्ता जितेंद्र कुमार ने कहा कि पूर्व नगर आयुक्त के तबादले के बाद से कर्मचारियों को समय पर वेतन और पेंशन नहीं मिल पा रही है। साथ ही वेतन वृद्धि का बकाया भुगतान भी अब तक लंबित है।
सफाईकर्मियों ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए 1 अप्रैल 2025 और 1 अप्रैल 2026 से बढ़े हुए वेतन के अनुसार बकाया भुगतान की मांग उठाई है। वहीं दैनिक कर्मचारियों के लिए भी संशोधित वेतन दर लागू कर बकाया राशि जारी करने की मांग की गई है।
कर्मचारियों ने यह भी मांग की है कि दैनिक और आउटसोर्स कर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए हर महीने नियमित बैठक आयोजित की जाए। उनका कहना है कि लंबे समय से समस्याओं को टालने का काम किया जा रहा है।
सफाईकर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो जुलाई महीने में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
बारिश का मौसम नजदीक होने के कारण प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। यदि सफाई व्यवस्था बाधित हुई तो शहर में कचरा जमा होने से दुर्गंध और गंदगी की समस्या गंभीर रूप ले सकती है। वहीं जलजमाव और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

