गाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी में जोरदार धमाका
दो खिड़कियों के शीशे टूटे, दीवार में आई दरार
गाजियाबाद (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में इंदिरापुरम थाना क्षेत्र की वसुंधरा पुलिस चौकी में शुक्रवार रात हुए जोरदार धमाके से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। रात करीब नौ से दस बजे के बीच हुए विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि चौकी के दो अलग-अलग कमरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए और दीवार में दरार पड़ गई। धमाके के दौरान कांच के टुकड़े लगने से वहां सामान पहुंचाने आया एक डिलीवरी बॉय घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।


घटना के बाद पुलिस अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक टीम, बम निरोधक दस्ता और एटीएस की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाए गए। फॉरेंसिक टीम ने नमूने एकत्र कर जांच के लिए आगरा प्रयोगशाला भेजे हैं।
सोशल मीडिया पर संगठन का जिम्मेदारी लेने का दावा
धमाके के बाद ‘गाजी-2’ नाम के सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट सामने आई, जिसमें ‘तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान’ नामक संगठन की ओर से विस्फोट की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। पोस्ट में चौकी को निशाना बनाने की बात भी कही गई है। हालांकि, इस पोस्ट की प्रामाणिकता और संगठन की वास्तविक भूमिका की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इसकी सत्यता और स्रोत की जांच कर रही है।
केमिकल विस्फोट समेत सभी पहलुओं की जांच
शुरुआत में चौकी में लगे एसी के कंप्रेसर में विस्फोट अथवा वहां रखे पटाखों से धमाके की आशंका जताई गई थी। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने पटाखों से विस्फोट होने की बात से इनकार किया है। सात नवंबर को डीसीपी ऋजुल कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटनास्थल से विस्फोटक सामग्री, बारूद या रासायनिक अवशेष मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। डिलीवरी बॉय को कांच लगने से चोट आई थी और उसकी हालत ठीक बताई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी एटीएस और खुफिया एजेंसियां भी विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि धमाके की वास्तविक वजह फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाले दावे की भी जांच जारी है।

