912 नवचयनित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र
लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 में 173 महिलाओं का भी चयन, छह अक्टूबर से शुरू होगा आधारभूत प्रशिक्षण
लखनऊ (जनवार्ता)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के तहत चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लेखा के पदों पर चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं। चयनित अभ्यर्थियों में 173 महिलाएं भी हैं।

मुख्यमंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लोक सेवा आयोग तथा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की व्यवस्थाओं में बदलाव किए गए हैं। समूह ‘ग’ और ‘घ’ की भर्ती से साक्षात्कार समाप्त किया गया, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को किसी स्तर पर भेदभाव का सामना न करना पड़े।
यूपी पुलिस के मॉडल की देश में चर्चा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों और कस्बों में सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता रहती थी। संसाधन संपन्न परिवार अपनी बेटियों को पढ़ाई के लिए प्रदेश से बाहर भेजते थे, जबकि साधनहीन परिवारों की बेटियों की पढ़ाई प्रभावित होती थी। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों का नजरिया बदला है। यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली की चर्चा देश में भी हो रही है।
35 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी : डीजीपी
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने चयनित अभ्यर्थियों, विशेषकर 173 महिला अभ्यर्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी का चयन पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त प्रक्रिया के तहत हुआ है। चयनित अभ्यर्थियों का आधारभूत प्रशिक्षण छह अक्टूबर से शुरू होगा। इसमें छह माह का संस्थागत प्रशिक्षण और तीन माह का व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल होगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अभ्यर्थियों को तैनाती दी जाएगी।
डीजीपी ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस में करीब 35 हजार पदों पर सीधी भर्ती तथा 9,457 पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्रशिक्षण क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले जहां करीब छह हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता थी, वहीं अब यह क्षमता बढ़कर 60 हजार से अधिक हो गई है।

