केजीएमयू में फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया, निकला नेपाली; सिद्धार्थनगर से भी जुड़े तार
लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में फर्जी डॉक्टर बनकर घूम रहे एक युवक को पकड़ा गया है। आरोपी की पहचान हस्साम अहमद के रूप में हुई है, जो पूछताछ में खुद को सिद्धार्थनगर जिले के मोहाना थाना क्षेत्र के ककरहवा का निवासी बता रहा था। हालांकि पुलिस जांच में उसका असली ठिकाना नेपाल पाया गया है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, हस्साम अहमद मूल रूप से कपिलवस्तु जिले के शुद्धोधन गांवपालिका वार्ड नंबर-5, श्रीनगर गांव का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि उसका परिवार कई वर्ष पहले सिद्धार्थनगर के ककरहवा इलाके में किराये के मकान में रह चुका है।
पुलिस को आशंका है कि इसी दौरान उसने भारतीय पहचान पत्र, जैसे आधार कार्ड आदि बनवा लिए होंगे। मोहाना थाना प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि करीब 7–8 वर्ष पूर्व उसका परिवार ककरहवा में निवास करता था, जिससे उसके स्थानीय कनेक्शन की पुष्टि होती है। हालांकि यह भी संभावना जताई जा रही है कि उसने जानबूझकर भ्रामक जानकारी दी हो। पूरे मामले की गहन जांच जारी है।
गौरतलब है कि मंगलवार को केजीएमयू प्रशासन ने परिसर में संदिग्ध गतिविधियों के चलते उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। पूछताछ के दौरान उसके पास कोई वैध मेडिकल डिग्री नहीं मिली, जबकि उसके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज भी संदिग्ध पाए गए।
पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि बीते दो वर्षों से वह संस्थान में किसके संरक्षण में सक्रिय था और उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे। मामले में संभावित नेटवर्क और सहयोगियों की भी जांच की जा रही है।

