यूपी में तपती गर्मी के बीच राहत की खबर, 28 अप्रैल से बदलेगा मौसम
लू के रेड अलर्ट के बीच सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, तापमान में 3–5 डिग्री गिरावट की संभावना
लखनऊ, (जनवार्ता):
उत्तर प्रदेश में अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही भीषण गर्मी ने हालात विकट कर दिए हैं। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान जून जैसी तपिश का एहसास करा रहा है। पूरब से लेकर पश्चिम तक चल रही गर्म हवाओं, यानी लू, ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। दोपहर होते-होते सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

रविवार को बांदा 46.6 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा। इसके अलावा प्रयागराज में 45.7 डिग्री और अमेठी में 44.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जिसने गर्मी के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए।
मौसम विभाग ने सोमवार के लिए प्रदेश के करीब 40 जिलों में भीषण लू की चेतावनी जारी की है। इनमें चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, आगरा और झांसी जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। इन इलाकों में दोपहर के समय तेज लू चलने और तापमान में और वृद्धि की आशंका जताई गई है।
भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर भी सामने आई है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर 28 अप्रैल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्रों में दिखने लगेगा। ललितपुर में रविवार शाम हुई हल्की बूंदाबांदी को इसी बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
मंगलवार से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और हल्की बारिश की संभावना है, जिससे झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बदलाव के चलते तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
कुल मिलाकर, आसमान से बरसती आग के बीच अब प्रदेशवासियों को कुछ दिनों के लिए राहत मिलने की उम्मीद है।

