हंसडीहा–गोड्डा–महागामा फोरलेन बनी लाइफलाइन, जाम से राहत, सफर हुआ आसान

हंसडीहा–गोड्डा–महागामा फोरलेन बनी लाइफलाइन, जाम से राहत, सफर हुआ आसान

एनएच-133 पर 1500 करोड़ की परियोजना से बढ़ी कनेक्टिविटी; रोजगार के नए अवसर, तीन हाईवे विलेज भी बनेंगे

गोड्डा,  (जनवार्ता):
राष्ट्रीय राजमार्ग-133 पर हंसडीहा से गोड्डा होते हुए महागामा तक बनी फोरलेन सड़क जिले के लिए लाइफलाइन साबित हो रही है। करीब 1500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस आधुनिक सड़क के चालू होने के बाद यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है और लोगों को जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिल गई है।
फोरलेन शुरू होने के साथ ही वाहनों की आवाजाही में तेजी आई है। इसके किनारे चाय-नाश्ता, पान की दुकानें, रेस्टोरेंट और पेट्रोल पंप खुलने लगे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। वहीं सड़क से सटी जमीनों की कीमतों में भी उछाल देखा जा रहा है।
इस सड़क ने शहर और ग्रामीण इलाकों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया है। गोड्डा शहर सहित सैकड़ों गांवों के लोगों को अब आवागमन में काफी सुविधा मिल रही है। भारी वाहनों का दबाव शहर के अंदर कम हो गया है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू हुई है।
महागामा, मेहरमा, पिरपैंती, ठाकुरगंगटी और बोआरीजोर से दुमका, देवघर, धनबाद और रांची जाने वाले वाहन अब इस फोरलेन का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। करीब 52 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर कई स्थानों पर स्लिप और सर्विस रोड बनाए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही और आसान हो गई है।
सुरक्षा के लिहाज से भी इस मार्ग को आधुनिक बनाया गया है। यहां लगभग 50 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि पांच स्थानों पर स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम भी स्थापित किए गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, अब गोड्डा से हंसडीहा या महागामा तक की दूरी महज 20 से 25 मिनट में तय हो रही है, जबकि पहले जाम के कारण काफी समय लगता था। यात्रियों ने सड़क निर्माण की सराहना करते हुए कहा कि अब बाजार के भीड़भाड़ वाले रास्तों से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ती।
स्थानीय सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के प्रयासों से बनी इस सड़क ने जिले के विकास को नई गति दी है।
हाईवे विलेज से बढ़ेगी सुविधाएं:
आने वाले समय में एनएच-133 पर हंसडीहा, कठौन और पथरगामा में तीन हाईवे विलेज विकसित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर यात्रियों को भोजन, विश्राम, शौचालय, वाहन मरम्मत और आपातकालीन सेवाएं मिलेंगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की स्वीकृति के बाद इस दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

rajeshswari
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