सादगी और जनसेवा का मंत्र, मंत्रियों को योगी की नई नसीहत
लखनऊ (जनवार्ता)। आदित्यनाथ योगी ने मंत्रियों को सादगी, मितव्ययिता और जनसेवा का संदेश देते हुए शासन की कार्यशैली में बदलाव के संकेत दिए हैं। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में उन्होंने कहा कि मंत्री जनता के बीच शासक नहीं, बल्कि आदर्श जनसेवक की छवि प्रस्तुत करें।
मुख्यमंत्री ने ईंधन बचत और संसाधनों के संयमित उपयोग को राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए Narendra Modi के विजन के अनुरूप कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परिवर्तन की शुरुआत शासन के शीर्ष स्तर से होनी चाहिए, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए।
बैठक में मंत्रियों के लिए सादगी आधारित नया प्रोटोकॉल भी तय किया गया। मुख्यमंत्री ने सप्ताह में कम से कम एक दिन सरकारी वाहनों के बजाय मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, साइकिल या कारपूलिंग अपनाने की सलाह दी। साथ ही अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने और प्रदेश की विकास योजनाओं पर पूरा ध्यान केंद्रित करने को कहा।
ऊर्जा संरक्षण को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कई निर्देश जारी किए। सरकारी कार्यालयों में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने को कहा गया है। लिफ्ट के सीमित उपयोग और शारीरिक सक्रियता पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा जिन सरकारी कार्यालयों में 50 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने के निर्देश दिए गए। अंतरजनपदीय बैठकों और विधानसभा समितियों की बैठकों में वर्चुअल माध्यम को प्राथमिकता देने की बात भी कही गई, ताकि समय और यात्रा खर्च दोनों की बचत हो सके।


