खनन से बदला यमुना का रुख, सोनीपत का रेनीवेल प्रोजेक्ट संकट में
सोनीपत, (जनवार्ता)।
रेत के अवैध खनन ने यमुना नदी के प्राकृतिक प्रवाह को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है, जिसके चलते नदी का रुख बदलकर सोनीपत की ओर हो गया है। बागपत क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे खनन के कारण जाजल गांव स्थित करीब 100 करोड़ रुपये की लागत वाला रेनीवेल प्रोजेक्ट अब खतरे में आ गया है।
स्थिति यह है कि नदी का पानी प्रोजेक्ट से महज दो एकड़ की दूरी पर पहुंच चुका है। लगातार बढ़ता कटाव हालात को और गंभीर बना रहा है, जिससे पूरे इलाके में दहशत है।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, बागपत की ओर लाइसेंसी ठेकेदार द्वारा अवैध खनन करते हुए नदी किनारे कच्चा रास्ता बनाया गया, जिससे धारा को सोनीपत की दिशा में मोड़ दिया गया। अब यमुना खेतों को काटती हुई सीधे रेनीवेल प्रोजेक्ट की ओर बढ़ रही है।
यह प्रोजेक्ट शहर की पेयजल आपूर्ति का मुख्य आधार है। यदि नदी का पानी इसमें घुसता है, तो सोनीपत की जलापूर्ति ठप हो सकती है और लाखों लोगों को संकट का सामना करना पड़ सकता है।
सिंचाई विभाग के एक्सईएन विनोद कुमार ने 3 अप्रैल को ही बागपत के जिला खनन अधिकारी को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, प्रोजेक्ट की सुरक्षा के लिए भी मौके पर कोई प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए हैं।
यमुना के कटाव से गढ़ मिरकपुर और जाजल गांवों के किसानों की जमीन भी लगातार नदी में समा रही है। विभाग ने स्टड निर्माण की मांग भेजी है, लेकिन मंजूरी अभी तक नहीं मिल पाई है।
अवैध खनन और प्रशासनिक सुस्ती के चलते यह संकट लगातार गहराता जा रहा है, जो आने वाले समय में सोनीपत के लिए बड़ा जल संकट बन सकता है।

